कलक्ट्रेट में भाकियू नेता को धरने से उठाते डीएम हृदय शंकर तिवारी।
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बागपत में किसान दिवस में किसानों ने जमकर हंगामा किया। किसानों ने अधिकारियों पर शिकायतों का निस्तारण न किए जाने और लिखित जवाब देकर संतुष्ट करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाते हुए किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने कलक्ट्रेट में ही धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे किसान दिवस ठप हो गया। डीएम ने किसानों की खुशामद कर उन्हें शांत किया।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने समस्याओं का निस्तारण न होने पर जमकर हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी समस्याओं का निस्तारण नहीं कर रहे हैं। सिर्फ कागजों पर गोलमोल जवाब देकर गुमराह कर रहे हैं। पांच साल में समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। नहरों में पानी नहीं आ रहा, राशन कार्ड नहीं बन रहे, गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा, नो ड्यूज के बदले सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। उन्होंने बिजली अधिकारियों पर लापरवाही, सड़कों की खराब हालत को लेकर जमकर हंगामा किया।
किसानों ने समस्या का समाधान न होने पर किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया और बाहर आकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों के हंगामे की जानकारी होते ही जिलाधिकारी हृदय शंकर तिवारी किसानों के पास पहुंचे। उन्होंने काफी देर मान मनौव्वल की। खुशामद करने के बाद किसान माने और किसान दिवस में बैठे। डीएम ने अधिकारियों को पूर्व में लंबित समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठकर समस्याओं के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लिया कि अभी भी माह फरवरी एवं मार्च माह के किसान दिवस की शिकायतें लंबित हैं। शिकायतों की समीक्षा पाक्षिक रूप से कराना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई को सप्ताह में दो दिन मंगलवार को ग्राम डौला तथा शुक्रवार को निरीक्षण भवन बड़ौत में बैठने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जेपी रस्तोगी, एसडीएम राकेश कुमार सिंह, मनोज कुमार, उप कृषि निदेशक धुरेंद्र कुमार, भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जा मौजूद रहे।