बागपत। एनजीटी के आदेश पर प्रदूषण रोकने के लिए गन्ना विभाग ने सख्त कदम उठाने की तैयारियां शुरू कर दी है। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि खेतों में पत्तियां जलाने वाले किसानों का सट्टा बंद किया जाएगा। गन्ने की पत्ती और धान की पराली काटने और मिट्टी पलटने के लिए किसानों को किराए पर यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों से सहयोग का आह्वान किया। डीसीओ डॉ अनिल कुमार भारती ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर सहकारी गन्ना एवं चीनी मिल समितियों पर यंत्रों की व्यवस्था की गई है। किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि गन्ने की पत्ती और धान की पराली जलाने के बजाए उन्हें यंत्रों से काटा जाएगा और मिट्टी पलटने की सुविधा रहेगी। यंत्र किसानों को समितियों से किराए पर प्रति घंटा के हिसाब से मिलेंगे। ऐसे किसान जो पत्ती जलाएंगे, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। किसानों का बांड तुरंत बंद कर दिया जाएगा। मुकदमा दर्ज होगा और समिति की सदस्यता को समाप्त कर दिया जाएगा।
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इस तरह लगेगा जुर्माना
बागपत। डीसीओ ने बताया कि दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों के लिए 25 सौ रुपये का जुर्माना लगेगा। दो से पांच एकड़ की जमीन वाले किसानों पर पांच हजार और पांच एकड़ से अधिक के किसानों पर 15 हजार रुपये प्रति घटना के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।