बागपत। विकास भवन में सभागार में बुधवार को किसान दिवस में किसानों ने भ्रष्टाचार से लेकर शिकायतों का निस्तारण नहीं करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान, उर्वरक संकट, नकली कीटनाशकों की बिक्री, नहर में पानी नहीं आने, टूटी सड़कें, जर्जर विद्युत लाइन समेत समस्याओं को उठाया। वहां कई बार किसान आपस में भी उलझ पड़े।
किसानों ने बैठक शुरू होते ही मलकपुर, भैसाना, किनौनी समेत सभी चीनी मिलों से गन्ना भुगतान कराने की मांग की। विनोद खेड़ा ने मलकपुर गन्ना समिति के उप केंद्र पर उर्वरकों के 4166 बोरे गायब मिलने, सहकारी समिति के निनाना स्थित उप केंद्र से डीएपी उर्वरक के बोरों में पांच-पांच किग्रा कम उर्वरक मिलने की शिकायत की। भाकियू जिलाध्यक्ष चौ. प्रताप सिंह गुर्जर, उपेंद्र तोमर समेत किसानों ने खतौनी में 80 प्रतिशत किसानों की जमीन का ब्योरा गलत दर्ज होने की बात कही और उसको ठीक करने के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। भाकियू एनसीआर के अध्यक्ष प्रदीप धामा ने कहा कि बागपत तहसील में 15 दिन से तहसीलदार नहीं हैं, जिससे 1500 बैनामों का दाखिल खारिज नहीं होने से लोग परेशान हैं।
भाकियू अराजनीतिक के अध्यक्ष चौ. नरेशपाल सिंह ने कहा कि किसान दिवस में सभी की बातें नहीं सुनी जातीं। सुरेश और पुष्पेंद्र ने कहा कि बैंक कर्जदार से कर्ज वसूलने के बजाय गारंटरों के खाते सीज कर रहे हैं, जो गलत है। किसानों ने फसल बीमा के नाम पर सहकारी समितियों में किसानों के खातों से एक-एक हजार रुपये काटने का विरोध जताया। किसान नेता नीटू बोक्का, नरेंद्र सिंह राणा, हरेंद्र दांगी, धर्मबीर सिरसली, इंद्रपाल जाट, राधेश्याम शर्मा समेत अनेक किसानों ने समस्याएं उठाईं। सीडीओ नीरज श्रीवास्तव, एडीएम शिवनारायण, कृषि उप निदेशक विभाति चतुर्वेदी, जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव तथा डीडीओ राहुल वर्मा आदि मौजूद रहे।
हमें दो दुनी चार का पहाड़ा मत पढ़ाओ
लहचौड़ा निवासी शिवदत्त शर्मा ने कहा कि स्वीकृति के एक माह बाद भी बड़ौत से रटौल तक रोडवेज बस नहीं चली। ईस्टर्न पेरीफरेल एक्सप्रेस वे के दस किमी के दायरे के गांवों के लोगों के लिए टोल फ्री की मांग की। अफसरों के आश्वासन देने पर बिजेंद्र सिंह बोले कि शिकायत निस्तारण करो, किसानों को दो दुनी चार का पहाड़ा मत पढ़ाओ।
तबाही मचा सकता है यमुना से कटान
किसान विनोद चौधरी तथा धर्मपाल सिंह ने कहा कि मवीकलां में यमुना पर एक्सप्रेस-वे पर बने पुल के नीचे के चार पिलर को हरियाणा के अफसरों ने बंद कर रखे हैं जिससे पानी की धार यूपी की तरफ होने से कटान हो रहा है।
तार न खंभे, बिल चालू
बड़ौत के गौरव ने कहा कि उन्होंने तीन माह पहले बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया। एस्टीमेट की राशि जमा करा दी, मगर बिजली आज तक नहीं मिली। दो माह का 4600 रुपये का बिल आ गया। तब एक्सईएन को जवाब देते नहीं बना।