बड़ौत। संचारी रोग नियत्रंण अभियान के तहत नगरीय क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता जान जोखिम मेें डालकर सर्वे कार्य में जुटी है। उनके पास न तो सैनिटाइजर है और न ही मास्क। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पर्याप्त सामग्री होने का दावा कर रहे है।
बड़ौत सीएचसी के नगरीय क्षेत्र में तैनात आशाओं की 126 टीमें इस समय संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत सर्वे कार्य में जुटी है। प्रत्येक टीम ने दो सदस्य शामिल है। इन आशा कार्यकर्ताओं के पास सुरक्षा उपकरण की कमी है। ऐसे में इन पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति तब है जब सर्वे कार्य मेें जुटी दो आंगनबाड़ी सहित चार स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोना संक्रमित मिल चुके है। इसके बावजूद भी लापरवाही बरती जा रही है। आशा व संगनी एसोसिएशन के मंडल प्रभारी डॉ. रविन्द्र गुप्ता ने भी सीएमओ को पत्र भेजकर आशाओं को पर्याप्त बचाव सामग्री दिलवाने की मांग की।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार का कहना था कि आशाओं को पर्याप्त बचाव सामग्री दे रखी है। यदि फिर भी किसी आशा को जरूरत है तो वे सीएचसी या फिर अपने सुपरवाजर से प्राप्त कर सकती है। उन्होंने बताया कि अब तक 19 हजार घरों में सर्वे कार्य पूरा किया जा चुका है।