बागपत। यमुना खादर की 750 बीघा जमीन कब्जाने का खेल हुआ। उसमें सरकारी अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल रहे। इसको लेकर खुलासा हुआ कि जमीन के हकदार किसानों को सात साल से चक्कर कटाए जा रहे हैं। वहीं, फर्जीवाड़ा करने के लिए एक महीने में ही रिपोर्ट भेज दी गई। अब एडीएम ने जांच को सर्वे विभाग से बदलकर एसडीएम को सौंपने के लिए कहा है।
फैजपुर निनाना गांव को वर्ष 2015 में चकबंदी के बाद राजस्व विभाग के अंतर्गत किया था। इसकी अधिसूचना जारी की गई थी। इससे संबंधित फाइलों को तहसील भेज दिया था। चकबंदी में गांव में यमुना खादर की करीब 750 बीघा जमीन बच गई थी। यह हरियाणा की तरफ गई हुई है। वर्ष 2015 में चकबंदी के बाद इस बची जमीन को लेकर प्रशासन ने कहा था कि यदि चकबंदी में किसी किसान को जमीन नहीं मिली है तो वह अपना दावा पेश कर सकता है। उस वक्त कई किसानों ने करीब 30 बीघा जमीन पर दावा पेश किया था। उनको हकदार होने के बावजूद जमीन नाम कराने के लिए सोनीपत में रिपोर्ट तक नहीं भेजी गई। उन किसानों को सात साल से चक्कर कटाया जा रहा है। किसान राजपाल, अजब सिंह, ओमपाल, हितेश आदि ने कलक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों से शिकायत की। जबकि सर्वे विभाग से फैजपुर निनाना के 25 से ज्यादा किसानों के नाम के साथ एक रिपोर्ट बनाकर सोनीपत प्रशासन को भेज दी। जिसके सहारे 750 बीघा जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, फर्जीवाड़ा करके तैयार की गई रिपोर्ट को केवल एक महीने से कम वक्त में सत्यापित कर दिया। इस तरह किसानों ने एडीएम से जमीन को लेकर खेल करने वाले अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
अफसरों के नाम पर एकत्र किए 40 लाख
फैजपुर निनाना की प्रधान प्रीति धनकड़, प्रतिनिधि रोहित धनकड़, नरेश प्रधान आदि ने बताया कि इस जमीन की रिपोर्ट बनवाने के लिए खेल करने को गांव से कुछ लोगों ने करीब 40 लाख रुपये एकत्र किए थे। कहा था कि अफसरों को रुपये देने हैं। ऐसे में सवाल यह है कि अफसरों के नाम पर लोगों से रुपये हड़पे गए या उन्हें दिए गए। इसकी भी जांच कराने की मांग की गई है। वहीं, जिस सर्वे विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं, उनको ही जांच सौंप दी गई थी। जिस पर आपत्ति जताई गई तो एडीएम ने जांच बदलकर एसडीएम से कराने की बात कही है।
यमुना खादर की 750 बीघा जमीन के लिए फर्जी रिपोर्ट बनाने की शिकायत की जांच शुरू कराई गई। जिसमें प्रधान व अन्य ने अब जांच को अन्य अधिकारी से कराने के लिए कहा। इसे एसडीएम बागपत से कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त गांव से रुपये एकत्र करने की बात सामने आई है। उसे भी जांच में शामिल कराया जाएगा।-अमित कुमार, एडीएम