रेलवे रोड़ स्थित कैनरा बैंक पर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।
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बागपत/बड़ौत। निजीकरण के विरोध में ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को दूसरे दिन भी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे कुछ बैंकों में लेनदेन प्रभावित हुआ तो कुछ में बैंक अधिकारियों ने व्यवस्था को संभाला।
यूएफबीयू के संयोजक विक्रम सिंह आर्य ने बताया कि निजीकरण के विरोध में दूसरे दिन भी कई बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। उन्होंने कहा कि बैंकों में स्टाफ की कमी के कारण एनपीए खाताधारकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार बैंकों में भर्तियां नहीं कर रही है। संविदा पर कर्मचारी रखकर उनका शोषण कर रही है। उद्योगपतियों पर ऋण में एनपीए 70 प्रतिशत तक हो चुका है। इस कारण बैंकों का डिपॉजिट लोन अनुपात असंतुलित हो गया है। बैंकों में कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण खाताधारकों को कुछ परेशानी झेलनी पड़ी। जबकि कुछ बैंकों में मैनेजर व अन्य अधिकारियों ने व्यवस्था को संभाला और लेनदेन भी किया गया। इस दौरान सचिन पंवार, अनुज कुमार, दीपक कुमार, गणेश, सचिन कुमार, भूपेंद्र, राजकुमार, अर्जुन सिंह नीरज कुमार, देवेंद्र कुमार, धीर सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।