बागपत। यहां आसमान से आग बरसने से तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ऐसे में बिजली की खपत और लोड काफी बढ़ गया है। इससे बार-बार बिजली कट और लो वोल्टेज की समस्या ने लाखों लोगों की न केवल नींद उड़ा दी, बल्कि पेयजल संकट भी बढ़ गया है। शहरों से लेकर गांवों तक कई-कई घंटे बत्ती गुल रहने से लोगों की हालत खराब हो गई।
दिन में लू के थपेड़े और रातभर उमस भरी गरमी व बिजली संकट ने 16 लाख लोगों की समस्या बढ़ा दी। जहां 55.55 प्रतिशत बिजली खपत बढ़ गई, वहीं 67.81 प्रतिशत लोड बढ़ने से ऊर्जा निगम के सिस्टम को झटके लग रहे हैं। लोड बढ़ने के साथ ही गर्मी से 82 उप केंद्रों के ट्रांसफार्मर एवं अन्य उपकरणों का तापमान बढ़ जाता है।
खतरे के निशान 70-80 डिग्री सेंटीग्रेट पर पहुंचने से ट्रांसफार्मर एवं अन्य उपकरण ठंडा करने के लिए कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ती है लेकिन इसका खामियाजा बार-बार बिजली कट तथा लो वोल्टेज से लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोग रात में ढंग से सो नहीं पाते हैं। सुबह शाम पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पाता क्योंकि लो वोल्टेज में सबमर्सीबल पंप नहीं चल पाते।
एसी हुए फेल...पंखों की घट रही स्पीड : बागपत के अमरदीप ठाकुर, सोनू चौहान, दुड़भा के विशाल शर्मा तथा निवाड़ा निवासी गुलहसन ने कहा कि लो वोल्टेज बड़ी समस्या है। कम वोल्टेज मिलने से कूलर एवं पंखे फुल स्पीड पर नहीं घूमते।
कई बार इतनी कम वोल्टेज होती है कि एसी चल नहीं पाते। एक सप्ताह पहले एसी 24 से 28 पर चलाकर सोते थे। अब एसी 16 की स्पीड पर चलाने से गर्मी से राहत नहीं मिलती है। महिलाओं व बच्चों को सर्वाधिक दिक्कत है।
25 लाख यूनिट बढ़ गई बिजली खपत : 31 मई को 45 लाख यूनिट बिजली खपत थी लेकिन नौ जून को बिजली खपत 70 लाख यूनिट हो गई। 25 लाख यूनिट खपत बढ़ गई।
364 एमवीए बढ़ गया लोड : जिले में छोटे बड़े 82 उप केंद्र हैं। इन पर 31 मई को 767 एमवीए लोड था, मगर नौ जून को लोड बढ़कर 1131 एमवीए हो गया है।
यह भी जानिए : जिले में कुल 2.80 लाख बिजली के कनेक्शन हैं। इनमें 29 हजार किसानों के नलकूपों के कनेक्शन हैं। बाकी अन्य श्रेणी के कनेक्शन हैं।