बड़ौत (बागपत) नगर में कृषि यंत्रों की फैक्ट्री रिम-धुरा 22 मार्च से ठप है। उद्यमियों का कहना है कि फैक्टरी का बिजली का बिल व बैंक का कर्ज माफ किया जाएं। तीन माह बाद पूरा बिल सहित ब्याज वसूला जाएगा, इसको लेकर उद्यमी परेशान है। रिम-धुरा बनाने की 100 इकाईयां है। यह उद्योग कृषि यंत्रों पर आधारित है। 22 मार्च से फैक्ट्री पर ताले लग गए थे। बार-बार यह आशंका है कि ये खोलेगी या नहीं। इन फैक्ट्री में 3200 हजार मजदूर काम करते है। यहां से नेपाल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि जगह सप्लाई होता है, लेकिन सरकार की ओर से खोलने के आदेश नहीं हुए है।
बिल होने चाहिए माफ
बड़ौत। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के जिला कोआर्डिनेटर डॉ. योगेश जिंदल ने कहा कि शासन को मांग की गई थी कि लॉकडाउन के चलते फैक्टरी बंद होने के कारण बैंक के कर्ज व बिजली का बिल माफ हो, मांग पूरी नहीं हुई।
वेतन कैसे देंगे
बड़ौत। उधमी सुरेंद्र जैन का कहना था कि शासन ने निर्देश दिए है कि बंदी के दौरान कर्मचारी को वेतन दिया जाएं। मगर, शासन ने उन्हें राहत नहीं दी, उल्टा फैक्टरी में कर्मचारियों के वेतन मेें बात कही जा रही है।
बंद है फैक्ट्री
बड़ौत। उद्यमी अमरचन्द जैन का कहना था कि पहले से ही रिम-धुरा उद्योग बंदी की कगार पर है, लेकिन 22 मार्च से यह बंद है।
मिल रही तारीख
बड़ौत। उद्यमी राजकुमार का कहना है कि बार-बार मांग कर रहे है फैक्टरी खोली जाएं, लेकिन उन्हें तारीख दी जा रही है और बाद में उन्हें आगे बढ़ा दिया जाता है।