बागपत। जिला जाट सभा के पदाधिकारियों के लिए रविवार को जाट भवन में चुनाव होगा। इसके लिए आम सभा की बैठक बुलाई गई है। अध्यक्ष पद के 25 से अधिक दावेदार होने के कारण घमासान होगा। वहां पहले चार सदस्यों की बनाई गई समिति नाम रखेगी और उनपर सहमति नहीं बनने पर चुनाव होगा। वहीं पर्ची काटने के ब्योरे को लेकर हंगामा भी हो सकता है।
जिला जाट सभा के पदाधिकारियों का तीन साल का कार्यकाल 22 अगस्त को पूरा होने के बाद भी अध्यक्ष देवेंद्र धामा ने उसे बढ़ाने की तैयारी कर दी थी। कार्यकाल को पांच वर्ष का कराने के लिए रजिस्ट्रार के यहां प्रस्ताव भी भेज दिया था। इसका पता चलने पर विवाद हो गया था और महासचिव, युवा अध्यक्ष समेत अन्य ने विरोध में इस्तीफा दे दिया था। इस तरह विवाद बढ़ने पर 26 अक्तूबर को चुनाव कराने की घोषणा की गई।
इसके साथ ही वीरेंद्र पंवार, जयवीर सिंह, एडवोकेट सोमेंद्र ढाका व एडवोकेट सुनील पंवार की एक समिति बनाई गई। इस समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई कि यह अध्यक्ष और महासचिव के चुनाव को लेकर आम सहमति बनाएं, जिससे किसी तरह का विवाद नहीं हो।
अब रविवार को जाट भवन में चुनाव के लिए आम सभा की बैठक बुलाई गई है। वहां यह समिति अपनी रिपोर्ट रखेगी मगर जिस तरह से अभी तक 25 से अधिक दावेदार सामने आ चुके हैं उससे यह जरूर साफ हो गया कि अध्यक्ष के लिए आम सहमति बनना मुश्किल है। वहीं चुनाव के लिए जाट भवन में शनिवार को सभी तैयारियां कर ली गई है। अध्यक्ष देवेंद्र धामा के अनुसार जाट भवन में चुनाव को लेकर बैठक होगी और आम सभा में पदाधिकारियों को लेकर फैसला किया जाएगा।
अध्यक्ष बनने के लिए कई जनप्रतिनिधि भी कर रहे दावेदारी
अध्यक्ष पद के लिए जिलेभर से समाज के लोग दावेदारी कर रहे हैं। इनमें कई जनप्रतिनिधि, वकील, व्यापारी भी शामिल हैं। यह सभी जिला जाट सभा का अध्यक्ष बनना चाहते हैं। इसके लिए समिति से संपर्क भी कर रहे हैं जिससे वह अपने नाम पर सहमति करा सकें मगर अध्यक्ष व महासचिव के नाम को लेकर आम सभा में फैसला होगा।