बुजुर्ग किसानों ने कहा कि कृषि कानून वापस होने तक हाईवे पर गुजारेंगे रात
बड़ौत। नये कृषि कानून के विरोध में औद्योगिक पुलिस चौकी पर धरने में बुजुर्ग भी डटे हैं। धरना स्थल पर पहुंचे बुजुर्गों ने कहा किसान को गर्मी, सर्दी झेलनी ही पड़ती है।
बड़ौली गांव के 95 वर्षीय बुजुर्ग दरियाव सिंह ने कहा कि पूरी रात हाईवे पर लगे तंबू मेें गुजारी। उनका कहना है कि किसान के लिए सर्दी-गर्मी क्या उसे तो पूरे साल खेत में रहना पड़ता है। सर्दी के बचने के लिए अलाव की व्यवस्था कर ली थी। कहा कि हमें सर्दी से कोई दिक्कत नहीं सरकार से जवाब मिलने में हो रही देरी से परेशानी है।
हिलवाड़ी गांव के 85 वर्षीय बुजुर्ग किसान तेजपाल का कहना है कि हम लोग घर-परिवार को छोड़कर आए हैं, समाधान चाहिए। किसान तीन से चार डिग्री में जब खेत में पानी देता है तो उसे क्या ठंड लगेगी। किसान पीछे हटने वाले नहीं है।
हिलवाड़ी गांव के 80 वर्षीय बुजुर्ग निर्भय सिंह का कहना है कि सर्दी से नहीं कृषि कानून से डर है। किसान पीछे हटने वाले नहीं है। यह धरना तभी खत्म होगा, जब सिंघु बार्डर पर चल रहा धरने पर कोई अंतिम फैसला हो जाएगा।