बड़ौत। तहसील परिसर में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण समिति के तत्वावधान में प्रदर्शन कर अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन कर धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
प्रदेश उपाध्यक्ष बबीता देवी और जिलाध्यक्ष गुड्डी के नेतृत्व में आंगनबाड़ी तहसील पहुंची और धरने पर बैठ गई। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री बनने के बाद 1 मई 2012 को रैली में मुख्यमंत्री का अभिनंदन कर 17 सूत्रीय मांगपत्र दिया था, लेकिन अभी तक उन मांगों को पूरा नहीं किया।
उन्होंने कहा 45वें और 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू किया जाए और कार्यकत्रियों को समूह सी तथा सहायिका को ग्रुप डी के तहत कर्मचारी घोषित किया जाए। न्यूनतम वेतन 18 हजार देने और 9 माह का मानदेय बिनौली, छपरौली ब्लॉक की कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को देने आदि मांगे प्रमुख थी। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम दीपाली कौशिक को दिया।
चेतावनी दी यदि इन समस्याओं का निस्तारण 15 दिन में नहीं किया तो जिलाधिकारी कार्यालय पर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सरिता, सुषमा राणा, कविता, राकेश, त्रिलोत्मा, रीता कौशिक, रीना, संगीता, अलका तोमर, रजनी, संतोष, राज कुमारी, उर्मिला आदि रहीं।
उधर, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ओर सहायिकाओं ने बाल कल्याण विभाग के कार्यालय पर मांगों को लेकर मंगलवार को भी धरना दिया। उनका कहना था कि उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। धरने पर सरिता चौधरी, सुनीता रंगा, सुषमा शर्मा, सर्विस्टा दांगी, रेखा देवी, सुनीता, बोबी, पुष्पा रानी, उषा, मंजू आदि रहे।
आंगनबाड़ियों ने धरना जारी
खेकड़ा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। मंगलवार को भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने केंद्र के बाहर दिन भर धरना दिया। इसमें पवित्रा देवी, ममता, पुष्पा, बबीता, राकेश, संगीता, सीमा, सविता, राधा, कविता, मुकेश, सीमा, संतोष, बबीता, रेखा देवी, ऊषा, सुषमा, सविता, बबली, मुनेश आदि मौजूद रही।