शामली। हिंदू महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्राओं को सकारात्मक सोच रखने के लिए प्रेरित किया गया।
काॅलेज में आयोजित कार्यक्रम में डाॅ. विष्णु ने छात्राओं को बताया कि भारत में 15 से 24 वर्ष की आयु में आत्महत्या की दर सबसे ज्यादा है, जो युवा अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप है। भारत में दर्ज आत्महत्याओं के मामलों में 35 प्रतिशत इसी आयु वर्ग में होती है। डाॅ. आशा ने कहा कि आत्महत्या करने वाले ज्यादातर लोगों में प्रमुख अवसादग्रस्त विकार होना सामने आया है। मानसिक विकार भी इसका एक कारण हो सकता है। अगर इस प्रकार की प्रवृत्ति या कोई समस्या मन में आती है तो अपने माता-पिता या शिक्षक से बात करें। इससे जीवन सुरक्षित रहेगा और समस्या का समाधान हो सकेगा। प्राचार्या डॉ. मंजू गर्ग ने बताया कि विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस जागरूकता बढ़ाने और आत्महत्याओं को रोकने में सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तर पर मनाया जाता है। कार्यक्रम में शिक्षक, शिक्षिकाएं व स्टाफ मौजूद रहा।