इसकी पूरी प्रक्रिया हो चुकी हैं और एक्सप्रेस-वे को जल्द ही हस्तांतरित किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर 20 साल तक टोल वसूली कंपनी करेगी तो उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी। इसके लिए एनएचएआई में कनाडा की कंपनी को 6267 करोड़ रुपये जमा कराने हैं।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे जल्द ही कनाडा की कंपनी के हवाले हो जाएगा। इसकी पूरी प्रक्रिया हो चुकी हैं और एक्सप्रेस-वे को जल्द ही हस्तांतरित किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर 20 साल तक टोल वसूली कंपनी करेगी तो उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी। इसके लिए एनएचएआई में कनाडा की कंपनी को 6267 करोड़ रुपये जमा कराने हैं।
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एनएचएआई ने हरियाणा के कुंडली से गाजियाबाद होते हुए पलवल तक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया था। इसका उद्घाटन वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसमें जमीन अधिग्रहण से लेकर निर्माण तक में 10 हजार 800 करोड़ रुपये का खर्च आया था।
एक्सप्रेस-वे पर हर साल टोल वसूली के लिए कंपनी का ठेका बदल जाता है और वह कंपनी केवल टोल वसूली तक ही सीमित रहती है। इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी एनएचएआई की होती हैं। लेकिन इस बार एनएचएआई ने 20 साल के लिए कनाडा की इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को एक्सप्रेस-वे का ठेका दिया है। यह कंपनी 6267 करोड़ रुपये जमा कराएगी और 20 साल तक टोल वसूलने के साथ ही इसकी मरम्मत भी कराएगी। हालांकि अभी पुरानी कंपनी ही टोल वसूली कर रही है जो जल्द ही बदलने वाली हैं।
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर कनाडा की कंपनी को बीस साल तक टोल वसूलने व मरम्मत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इसके लिए एनएचएआई को 6267 करोड़ रुपये मिलेंगे। कंपनी को जल्द ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।