बागपत। जिला पंचायत अध्यक्ष पद इस बार अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में वार्ड-13 से रालोद की ममता जयकिशोर और वार्ड-18 से सपा की बबली में से किसी एक की ताजपोशी होना तय है। इनमें से कौन इस पद पर काबिज होगा, इसे लेकर रालोद और सपा पार्टी अभी पत्ते नहीं खोल रही हैं। रालोद के पास संख्या बल अधिक होने की वजह से ममता जयकिशोर की दावेदारी फिलहाल ज्यादा मजबूत मानी जा रही है। भाजपा चुनाव में बुरी तरह पिछड़ जाने की वजह से वेट एंड वॉच की स्थिति में है।
जिला पंचायत सदस्य के जिले में 20 वार्ड हैं। जिनमें से 7 वार्डों में रालोद, 4-4 में सपा और भाजपा ने जीत दर्ज की। एक वार्ड में बसपा और चार में निर्दलियों ने प्रतिद्वंदियों को शिकस्त दी। विजेताओं में ममता और बबली ही अनुसूचित जाति की महिला हैं। मुकाबला इन दोनों के बीच ही होना तय है। इनमें से कोई एक भी पीछे हटता है तो दूसरे की राह आसान हो जाएगी। शासन की तैयारी इसी माह जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कराने की है। ऐसे में चुनाव के लिए ज्यादा समय भी नहीं बचा है। देखना है कि ममता और बबली में से किसकी ताजपोशी होती है।
रालोद को झटका दे सकती है सपा
रालोद नेताओं का दावा है कि निर्दलीय जीतने वाले कुछ सदस्य उनके साथ हैं। ऐसे में यह भी संभव है कि रालोद सिर्फ निर्दलियों की मदद से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज हो सकता है। इसके लिए उसे सपा के साथ की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, सपा का अकेले दम पर जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीतना मुश्किल तो है, लेकिन नामुमकिन नहीं। दोनों पार्टियां एक-दूसरे के बिना अध्यक्ष पद के रण में उतरेंगी या साथ आएंगी, इस पर अभी कोई भी खुलकर नहीं बोल रहा है। चर्चा है कि कुछ सपा नेताओं ने निर्दलियों के साथ रालोद के समर्थन से जीतकर आने वाले सदस्यों पर भी डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। सपा की यह रणनीति कामयाब हुई तो रालोद को तगड़ा झटका लग सकता है।
वर्जन-:
अभी पार्टी चौधरी अजित सिंह के निधन से शोक में डूबी है। जिसकी वजह से इस विषय पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जल्द ही इस मुद्दे पर पार्टी की बैठक कर रणनीति तय की जाएगी।-डॉ. जगपाल सिंह तेवतिया, रालोद जिलाध्यक्ष
मेरी तबीयत खराब है। अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। जल्द ही पार्टी की बैठक में इस मुद्दे पर निर्णय लेंगे। पार्टी हाईकमान से भी बात की जाएगी। जो भी निर्देश मिलेंगे उन पर अमल करेंगे।-मनोज चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष
ब्लॉक प्रमुखी के लिए बिछने लगी बिसात
बागपत। पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद अब ब्लॉक प्रमुखी के चुनाव की बिसात भी बिछने लगी हैं। प्रमुखी के दावेदार समर्थन जुटाने के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों पर डोरे डालने लगे हैं। बागपत ब्लॉक में इस बार अनुसूचित जाति की महिला प्रमुख बनेगी। खेकड़ा में ब्लॉक प्रमुखी की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है। बड़ौत में पिछड़ा वर्ग की महिला ब्लॉक प्रमुख होगी। जबकि पिलाना, बिनौली और छपरौली अनारक्षित हैं। ऐसे में ब्लॉक प्रमुख के दावेदारों में तगड़ी जोरआजमाइश तय है। कुछ दावेदार क्षेत्र पंचायत सदस्यों को ऑफर दे रहे हैं। वहीं, कुछ संबंधों का हवाला देकर अपने पक्ष में करने की जुगत भिड़ा रहे हैं।
बागपत जिले के ब्लॉक प्रमुखों का आरक्षण
ब्लॉक आरक्षण
बागपत एससी महिला
खेकड़ा पिछड़ा वर्ग
पिलाना अनारक्षित
बड़ौत ओबीसी महिला
बिनौली अनारक्षित
छपरौली अनारक्षित