बड़ौत। यदि आपको सांस फूलने की दिक्कत है। भूख नहीं लगती है। इसके अलावा खुजली, खून की कमी और शरीर में दर्द रहता है। पैरों आदि पर सूजन है। यह किडनी (गुर्दा) खराब होने के संकेत हैं। यदि किसी व्यक्ति को यह सब लक्षण हैं तो उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर किडनी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। चिकित्सकों की माने तो बदलती जीवनशैली से दूसरी बीमारियों के साथ-साथ किडनी खराब होने के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
बड़ौत सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 10 से 15 मरीज किडनी की समस्या लेकर आते हैं। किडनी समस्याओं का सबसे आम कारण डायबिटीज है। 50 फीसदी मरीज डायबिटीज के कारण किडनी (गुर्दा) की समस्या से ग्रस्त हैं। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, दर्द की दवाओं और बार-बार पेशाब इंफेक्शन होने के कारण भी लोगों में किडनी की समस्या बढ़ रही है।
हताश होकर नहीं, खुशहाल रूप में बताएं जिंदगी
बड़ौत मेडिसिटी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनीष तोमर और आस्था अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अभिनव तोमर ने कहा कि आमतौर पर देखा गया है कि जैसे ही मरीज को किडनी से संबंधित बीमारी का पता चलता है, वह मानसिक तनाव का शिकार हो जाता है। ऐसे में वह अपने खान-पान की ओर भी ध्यान नहीं दे पाता। साथ ही उसके परिजन भी इस समस्या के शिकार हो जाते हैं। मरीज की देखभाल ठीक प्रकार से नहीं हो पाती, जबकि ऐसी स्थिति में मरीज को खान-पान, दवाओं और डायलसिस की ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। तनाव से बचने का प्रयास करना चाहिए।
ये है बचाव
1- अगर आपको डायबिटीज की समस्या है तो अपने मधुमेह को अच्छे से नियंत्रण में रखें। नियमित जांच कराएं।
2- ब्लड प्रेशर को अच्छी तरह से नियंत्रित करें।
3- डायबिटीज के कारण अक्सर किडनी की समस्या होती है तो बीच-बीच में अपनी किडनी की जांच कराएं।
4- किडनी की दो प्रमुख जांच ईजीएफआर और एमसीआर हैं।