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बदले के लिए हत्या: कोड वर्ड से मिला था मर्डर का इशारा, खतरा भांप न सका धीरज, सीने में उतारीं सात गोलियां

Fri, 03 May 2024 10:56 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

बागपत पुलिस ने बड़ौत के वाजिदपुर गांव में हुई धीरज की हत्या का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 
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धीरज का फाइल फोटो व मौके पर बागपत पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागपत के वाजिदपुर गांव में धीरज उर्फ छोला को सन्नी तोमर की हत्या का बदला लेने के लिए सात गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने सन्नी तोमर के भाई समेत तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। जिनसे तीन तमंचे और बाइक बरामद की गई।

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पुलिस लाइन के सभागार में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एसपी अर्पित विजयवर्गीय और एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि वाजिदपुर गांव में धीरज उर्फ छोला की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें वाजिदपुर गांव के ही निखिल, शोएब और देवा उर्फ देवेश को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
एसपी ने बताया कि धीरज उर्फ छोला ने वर्ष 2022 में गांव के ही सन्नी तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जो 21 मार्च को जेल से जमानत पर बाहर आया था। मृतक सन्नी तोमर के भाई निखिल ने अपने साथी शोएब, देवा उर्फ देवेश, सागर और सौरभ के साथ मिलकर धीरज उर्फ छोला की हत्या करने की साजिश रची। जिसके बाद कचहरी में आए धीरज को शोएब के द्वारा गांव के सरकारी स्कूल पर बुलाया गया और पांचों ने तमंचों से सात गोली मारकर धीरज उर्फ छोला की हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि फरार चल रहे सागर और सौरभ की तलाश में दबिश दी जा रही है।

निखिल को था हत्या होने का खतरा
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि गिरफ्तार किये गए निखिल अपने भाई सन्नी तोमर की हत्या के मुकदमे की पैरवी कर रहा था। पूछताछ में निखिल ने बताया कि अगर वह धीरज उर्फ छोला की हत्या न करता तो वह उसकी हत्या करा देता। जिसकी वजह से उसने योजना बनाकर हत्याकांड को अंजाम दिलाया।

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बागपत में युवक की हत्या - फोटो : अमर उजाला
साजिश ऐसी रची कि खतरा भांप न सका धीरज, कोड वर्ड से मिला हत्या का इशारा
धीरज उर्फ छोला की हत्या की साजिश ऐसी रची गई कि वह साथ घूम रहे खतरे को भांप नहीं सका। धीरज को गांव का ही शोएब अपने भरोसे में लेकर सरकारी स्कूल के बाहर ले गया। जहां पहले से छिपकर बैठे साथियों को कोड वर्ड से इशारा कर बुलाया।

वाजिदपुर गांव के सरकारी स्कूल पर पहुंचते ही शोएब का कोड वर्ड सुनकर निखिल, देवा उर्फ देवेश, सागर और सौरभ भी वहां आ गए। जिनके आते ही शोएब ने धीरज उर्फ छोला को पहली गोली मार दी।

इसके बाद अन्य चारों ने भी अपने तमंचे निकालकर धीरज पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर भाग गए। एसपी ने बताया कि शोएब और धीरज की दोस्ती का निखिल ने फायदा उठाया। जिसने शोएब को दोस्ती का हवाला देकर हत्या की साजिश में शामिल किया।
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली रहने लगा था धीरज का परिवार
एसपी ने बताया कि सन्नी हत्याकांड के बाद धीरज का परिवार दिल्ली जाकर रहने लगा था। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद धीरज भी दिल्ली चला गया था। जिसे साजिश के तहत गांव बुलाकर हत्या की गई।

निखिल के स्टेट्स ने सुलझा दी गुत्थी
एसपी ने बताया कि धीरज की हत्या के दो घंटे बाद तक उसकी शनाख्त नहीं हो पाई थी। जिसके बाद शनाख्त हुई तो लोगों ने निखिल का स्टेट्स देखा। जिसने बदला पूरा होने की बात लिखी तो हत्या की गुत्थी सुलझ गई।
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