बड़ौत। कोरोना संक्रमण की जांच रिपोर्ट देरी से आने के कारण जहां मरीजों की संख्या बढ़ रही है वहीं समय से उपचार न मिलने के कारण काफी लोगों की जान जा रही हैं। जिसको लेकर जनता चिंतित है।
सीएचसी सहित पीएचसी पर कोरोना की जांच कराने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। जांच कराने वालों की लम्बी कतारें हैं। एक बार जांच करा भी ली तो रिपोर्ट के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। अब यदि टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो इलाज में चार-पांच दिन की देरी बड़ी समस्या पैदा करती है। अस्पतालों में बेड व ऑक्सीजन की कमी से हा-हाकार मचा है।
ये बोले मरीज------
- अक्षय का कहना है कि दो मई को जांच कराई थी लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में उनके सामने समस्या खड़ी है। इलाज में पांच दिन की देरी स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए काफी है।
दीपक का कहना है कि चार मई को जांच कराई थी। पांच छह दिनों तक सही इलाज न मिलने के कारण मरीज की स्थिति बिगड़ रही है। आक्सीजन लेवल किस प्रकार कम हो रहा है, यह सभी की समझ से परे होता जा रहा है।
ये बोले--
बड़ौत। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार का कहना है कि यह बात यहीं है कि कोरोना जांच के बाद रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। इसका मुख्य कारण अचानक जांच कराने वालों की संख्या अधिक होना है। जांच रिपोर्ट आने तक मरीज सावधानी बरतें।