बड़ौत। कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ रहा है। चिकित्सकों में भय देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि मरीजों को समय पर उचार नहीं मिल पा रहा है और मौत की संख्या अधिक है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि देखने को मिल रहा है कि काफी देर तक अस्पताल में मरीज तड़पते के बाद भी डॉक्टर देखने नहीं आये। मरीज को पहले स्टेज का उपचार भी नहीं दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह कोरोना फोबिया है। उन्होंने बताया कि पिछले साल कोरोना से यहीं डॉक्टर जंग लड़ रहे थे। इतना संसाधन नहीं था, लेकिन मरीज की जान बचाने का जज्जा व कोरोना को हराने का हौंसला था। मरीजों के बीच घिरे रहने व आंखों के सामने तड़पते मरीज की मौत देख कर डॉक्टर विचलित होने लगे हैं।