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नौकरी और मां की जिम्मेदारी को संभाल रही हैं महिलाएं

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बड़ौत। महिलाएं कोरोना महामारी में भी अपना फर्ज नहीं भूली हैं। वे नौकरी करते हुए पूरी ईमानदारी से जिम्मेदारी निभा रही हैं। वहीं, अपने बच्चों को भी मां का प्यार दे रही हैं। मदर्स डे के अवसर पर कुछ ऐसी ही माताओं से बात की है। सभी ने अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। ये महिलाएं अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं।
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नौकरी के साथ बच्चों को संभाल रहीं
हिलवाड़ी गांव के जनता इंटर कॉलेज की शिक्षिका राजेश वर्मा का कहना है कि वे नौकरी को ईमानदारी के साथ करती हैं। वहीं, बच्चों को भी मां का भरपूर प्यार देती हैं। इसके लिए उन्होंने टाइम टेबल बनाया हुआ है।
कुपोषित बच्चों की जिम्मेदारी
- बाल विकास परियोजना अधिकारी छपरौली जानकी देवी ने बताया कि परिवार में बच्चों को संभालने के साथ साथ नौकरी में अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों की देखरेख की भी जिम्मेदारी संभाले हैं। जिम्मेदारियों के साथ जीवन जीना अच्छा लगता है।
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ड्यूटी के साथ बच्चों को समय भी जरूरी
- सीएचसी पर तैनात डॉ. कल्पना का कहना है कि कोविड-19 को देखते हुए वह जब भी घर जाती हैं तो सबसे पहले खुद को सैनेटाइज करतीं और हाथ पैर अच्छे से धो कर ही अंदर जाती है। ड्यूटी के साथ साथ अपने बच्चों और परिवार को भी संभालती हैं।
जनता की सेवा से मिलती है आत्म संतुष्टी
महिला चौकी प्रभारी रूबी उपाध्याय पिछले दो वर्षों से कोतवाली मेें तैनात हैं। वह ईमानदारी से अपने परिवार व ड्यूटी की जिम्मेदारी निभा रही हैं। वीडियो कॉल के जरिये बेटे व परिवार से बातचीत कर लेती हैं। कहती हैं कि जनता की सेवा करके आत्म संतुष्टी मिलती है।
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