कोरोना काल में जारी हुआ था प्रमाण पत्र, अब निरस्त करने के लिए जारी किया विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। नगर पालिका अफसरों ने कोरोना काल में बिना जांच पड़ताल के ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। मामले की शिकायत हुई तो अफसरों को खामी पकड़ में आई। भूल सुधारते हुए प्रमाण पत्र को निरस्त करने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। साथ ही जांच कमेटी भी बनाई गई है।
मामला कोरोना संक्रमण काल का है। ईओ अनुज कौशिक ने बताया कि चरणजीत लाल बग्गा पुत्र रामलाल बग्गा निवासी पट्टी चौधरान बड़ौत की पांच अप्रैल 2015 का मृत्यु प्रमाण पत्र झूठा एवं कपटपूर्वक अंकित कराया गया है। इस मृत्यु प्रमाण पत्र को जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 की धारा 15 के नियम 12 के अंतर्गत निरस्त कराने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। प्रमाण पत्र जारी करने से पहले जांच करने के सवाल पर ईओ का कहना है कि गलती तो हुई है। गलती किसकी हुई है, इसका पता कराने के लिए जांच कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी जो जांच रिपोर्ट पेश करेगी, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पालिका चेयरमैन अमित राणा ने बताया कि मामला संज्ञान मेें आया है, जो गंभीर है। राजस्व का नुकसान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।