बागपत। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में सोमवार सुबह किशोरी ने घर में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। इसका पता चलने पर आए पिता ने पड़ोसी की छत से होते हुए दीवार से कूदकर घर में जाने का प्रयास किया तो गिरने से उसके पैर की हड्डी टूट गई। सूचना मिलने पर आए पुलिसकर्मियों ने फंदे से शव नीचे उतारकर जांच शुरू कर दी।
मेरठ जिले के सरधना के रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि पिछले नौ साल से अपने परिवार के साथ बागपत क्षेत्र के एक गांव में रह रहा है। उसने घर के पीछे खेत में भिंडी की फसल उगा रखी है। सोमवार सुबह अपनी पत्नी के साथ खेत में भिंडी तोड़ने चला गया। उसके दो बेटे राजस्थान और गोवा में वेल्डिंग का काम करते हैं, जबकि दो बेटी और छोटा बेटा घर में मौजूद थे। उसकी बड़ी बेटी घर में खाना बना रही थी, जिसके कुछ देर बाद ही छोटी बेटी भी घर के बाहर आ गई। वह दोबारा घर में गई तो दरवाजा नहीं खोला गया। उसने खिड़की से देखा कि बड़ी बेटी फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी।
छोटी बेटी के बताने पर वह अपनी पत्नी के साथ दौड़ते हुए घर पहुंचा तो अंदर से दरवाजा बंद होने के कारण घर में नहीं जा सका। पड़ोसी के मकान की छत से दीवार कूदकर अपने घर में आने का प्रयास किया तो उसके पैर की हड्डी टूट गई। अंदर लोहे के पाइप पर दुपट्टे से बने फंदे पर उसकी बेटी लटकी हुई मिली। आत्महत्या के कारणों की जानकारी होने से इंकार किया है। मृतका पांच भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी। इस मामले में सीओ सुकन्या शर्मा का कहना है कि किशोरी ने आत्महत्या की है। कारणों का पता लगाया जा रहा है।