बागपत। नोटों के लिए अब हालात नाजुक होने लगे हैं। अमीनगर सराय में पीएनबी के सामने भीड़ अधिक होने के कारण बैरिकेडिंग टूट गई। बैंक में एंट्री पाने के लिए मची मारामारी के चलते लाइन में खड़े लोग आपस में भिड़े। युवतियों और महिलाओं ने यहां खूब घूंसे बरसाए।
इससे कई महिलाएं और बुजुर्ग गिरकर घायल हो गए। पुलिस ने भी लाठियां भांजी। बालैनी, चांदीनगर, बागपत और दोघट में भी हंगामे के हालात रहे। बुधवार को लोग सुबह छह बजे से ही लाइन में लगने शुरू हो गए थे। डौला में मेरठ रोड पर स्थित सिंडीकेट बैंक में कई-कई घंटे कतार में खड़े लोगों को बगैर कैश ही लौटना पड़ा। पुलिस ने अमीनगर सराय के पीएनबी के सामने व्यवस्था बनाने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन यहां भीड़ बड़ी तो बैरिकेडिंग टूट गई। इससे अफरा-तफरी मची।
कई महिलाएं और बुजुर्ग भीड़ में कुचले गए। कतार में आगे खड़े युवकों पर महिलाओं और युवतियों ने खूब घूंसे बरसाए। पुलिस भी पहुंची और लाठियां चलाई। यह सारा हंगामा नोट बदलने और बैंक में एंट्री को लेकर हुआ। बैंक प्रबंधक आरके सिंह ने कहा बैंक के बाहर क्या हुआ, उन्हें मालूम नहीं है।
उधर, सिंघावली अहीर एसओ रणवीर सिंह यादव ने कहा बैरिकेडिंग टूटने के बाद हालात बिगड़े, लेकिन इसे नियंत्रित किया। बालैनी में हंगामा हुआ तो सीओ श्वेताभ पांडेय को पहुंचना पड़ा। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत किया। हंगामे और भीड़ का यह सिलसिला दिनभर चलता रहा। बैंकों के बाहर भीड़ जमा रही।
बड़ौत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1000 और 500 के नोट पर प्रतिबंध लगाने से नगर के बाजार में पूरे दिन सन्नाटा छाया रहता है। ग्राहक न आने से दुकानदार भी खाली हाथ बैठे रहते हैं। वहीं अभी भी बैंकों में ग्राहकों की लाइन नहीं टूट रही है। बुधवार को नगर के अधिकांश बैंकों में तो कैश खत्म होने से ग्राहकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई। कई जगहों पर ग्राहकों ने हंगामा भी किया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी ग्राहकों की नोंकझोंक हुई। पूरे दिन बैंकों पर हंगामे की स्थिति बनी रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एक हजार और पांच सौ के नोट बंद करने की घोषणा ने व्यवसायी और मजदूरों के अलावा आम जन की कमर तोड़कर रख दी है। बडे़ नोटों की बंदी से नगर और ग्रामीण आंचल में कारोबारी पूरे दिन खाली बैठे रहते हैं। बाजार में सन्नाटा छाया रहता है। सब जगह हालात एक जैसे है। नए नोटों के अभाव में दुकानदार सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को सामान दे पा रहे हैं, इनमें उनका उधारी का लेन-देन है। नकद वाले ग्राहकों को रोजाना लौटा दिया जाता है।
उधर, बुधवार को नगर के अधिकांश बैंकों में कैश खत्म होने से सुबह से लाइन में खडे़ ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसको लेकर कैनरा और आईसीआईसी बैंक के अलावा सिंडिकेट, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक में ग्राहकों ने हंगामा भी किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो आक्रोशित ग्राहक उनसे भी उलझ गए। पूरे दिन बैंकों के बहार हंगामे की स्थिति बनी रही।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैंकों के बाहर लाइन में खड़े लोगों की मदद की और उनके खाने-पीने की व्यवस्था बनाई। इसमें सुमन आर्य, घनश्याम शर्मा, रमन शर्मा, इकराम, सुरेंद्र जैन, नौशाद, माजिद रहे।
खेकड़ा। बुधवार को भी बैंकों के बाहर ग्राहकों की नोट जमा करने एवं बदलवाने के लिए भीड़ लगनी शुरू हो गई, लेकिन अधिकांश लोग रुपये न बदले जाने के कारण मायूस हो खाली हाथ वापस लौट गए। बैंक शाखाओं में आलम यह है कि धनराशि काफी कम आने से नोट बदले नहीं जा रहे हैं। इससे लोगों को उठानी पड़ रही है, जिनके यहां शादी है। नगर की नई बस्ती निवासी हनीफ, नाला पार बस्ती निवासी शबीला, रामकिशन सैनी, सुरेश चंद निवासी घिटोरा ने कहा उनके यहां एक सप्ताह बाद शादी है। वह लगातार बैंकों के चक्कर लगाते थक चुके है। लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बैंक प्रबंधक उनको राेज बुला लेते हैं। बैंकों में घुसने के लिए नोक झोंक होती रही। आठ दिन बाद भी एटीएम चालू नहीं हो पाए।
दोघट। केनरा बैंक की शाखा दाहा, निरपुड़ा, टीकरी एवं सिंडिकेट बैंक शाखा दोघट और पुसार में नोट बदलवाने और जमा कराने वालों की लाइनें लगी हुई थी। लोग सुबह से ही बैंक के बाहर कतार लगाकर खड़े देखे गए। दिन भर बैंकों में नोट बदलवाने को लेकर मारामारी मची रही। निरपुड़ा स्थित केनरा बैंक शाखा में हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
अग्रवाल मंडी टटीरी। पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट बंद करने के बाद नोट बदलने और कैश लेने को लेकर दिनभर हंगामा हुआ। बैंकों के बाहर भीड़ रही। बाजार में ग्राहकों की संख्या भी बेहद कम दिखी।
चांदीनगर। रटौल गांव में बैंक में कैश खत्म होने के बाद लोगों ने सिंडीकेट बैंक में हंगामा किया। बैंक कर्मचारियों ने बताया कैश खत्म हो गया, लेकिन लोगों ने इस पर नाराजगी जाहिर की। शाखा में तोड़फोड़ की गई। इस बीच यहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को बाहर खदेड़ा। शाखा प्रबंधक ने कहा कैश खत्म होने के कारण लोगों को नहीं दिया जा सका।