झिंझाना। सनातन धर्म जागरूकता अभियान के तहत हिमालय से लाई गई अखंड ज्योति कलश यात्रा बृहस्पतिवार को गांव वेदखेड़ी पहुंची। ग्रामीणों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया और शिव मंदिर में हवन एवं पूजन किया। इसके बाद पूरे गांव में कलश यात्रा की परिक्रमा निकाली गई।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने धर्म, संस्कृति और एकता का संदेश दिया। इसके बाद कलश यात्रा बीबीपुर, डेरा खजूर वाला समेत अन्य गांवों के लिए रवाना हुई। महंत मेनपाल सिंह ने बताया कि अखंड ज्योति सर्वेश्वरानंद महाराज की ओर से वर्ष 1926 में हिमालय से लाई गई थी। बाद में युग निर्माण आंदोलन के प्रणेता श्रीराम शर्मा आचार्य को निर्देश दिया गया कि इस ज्योति के माध्यम से पूरे भारत में जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। पहले इसे मथुरा और फिर हरिद्वार के शांतिकुंज में स्थापित किया गया।
बताया कि 19 जनवरी 2025 से शुरू हुई यह यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में निकाली जा रही है। इस अभियान के माध्यम से लोगों को सनातन धर्म से जोड़ने और मानव में देवत्व का उदय करने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुरु माता के प्राकट्य दिवस पर 18 जनवरी 2026 को शांतिकुंज हरिद्वार में जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा। तब तक यह अखंड ज्योति यात्रा पूरे भारत में भ्रमण कर जन-जागरण का काम करती रहेगी।