नहर के कटान को रोकने का प्रयास करते ईदरीशपुर के किसान।
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ईदरीशपुर झाल गांव के किसानों ने किया प्रदर्शन
सिंचाई विभाग के ठेकेदारों ने ठीक कराई पटरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। ईदरीशपुर झाल के पास रविवार को पूर्वी यमुना नहर की पटरी टूटने से सैकड़ों बीघे फसल में जलमग्न हो गई। इससे आक्रोशित किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर अधिशासी अभियंता ने ठेकेदारों को मौके पर भेजा। चार घंटे की मशक्कत के बाद ठेकेदारों ने टूटी पटरी नको बंद कराया। पीड़ित किसानों ने मुआवजेे की मांग उठाई।
रविवार को ईदरीशपुर झाल के पास अचानक पूर्वी यमुना नहर की पटरी टूट गई। देखते ही देखते ईदरीशपुर, औसिक्का, बाम आदि किसानों की लगभग 110 बीघे फसल जलमग्न हो गई। किसान मौके पर पहुंचे और मुआवजेे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि क्षेत्र में तीन दिनों से बरसात हो रही है। इससे फसलों में पानी की आवश्यकता पूरी हो गई थी, लेकिन पूर्वी यमुना नहर की पटरी टूटने से अधिक पानी आने से फसलें जलमग्न हो गई। इससे फसल बर्बाद होने की आशंका है। उन्होंने मुआवजे की मांग की। सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने ठेकेदार गौरव जैन व कपिल बड़ौली को मौके पर भेजा। दोनों ठेकेदार ने चार घंटे की शक्कत के बाद टूटी नहर की पटरी को बंद कराया। ठेकेदार गौरव जैन ने बताया कि टूटी नहर की पटरी को बंद करा दिया गया था। इसकी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को दे दी गई है।