24 अप्रैल से शुरू होनी थी यूपी बोर्ड की परीक्षा
परीक्षा के लिए बनाए जा चुके हैं 44 परीक्षा केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 24 अप्रैल से आयोजित होने वाले यूपी बोर्ड परीक्षा पर भी संकट मंडराने लगा है। पंचायत चुनाव की तिथि मुकर्रर होने के बाद यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि परीक्षा टलेगी। मई माह के पहले सप्ताह में परीक्षा शुरू होने के आसार है। शिक्षा अधिकारी अभी भी शासनादेशों का इंतजार कर रहे है।
पंचायत चुनाव और इंटरमीडिएट व हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा के लिए जनवरी माह से ही ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। कारण दोनों तरफ से तैयारियां तेज थीं। चुनाव आगे होगा या फिर बोर्ड परीक्षा, इसके लिए संशय बरकरार था। इसी बीच शासन ने बोर्ड परीक्षा की तिथि घोषित कर दी। 24 अप्रैल से बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम जारी हुआ था। तैयारियों के तहत जिले में 44 परीक्षा केंद्र भी बना दिए गए। विभागीय तैयारियों भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। अगले माह से परीक्षा कराने के लिए विभागीय जिम्मेदार तैयार बैठे थे। शुक्रवार को शासन ने आचार संहिता लागू करते हुए मतदान की तिथि घोषित कर दी। 15, 19, 26 और 29 अप्रैल को मतदान की तिथि निर्धारित कर दी। जिले में दूसरे चरण में मतदान होगा। ऐसे में बोर्ड परीक्षा पर ग्रहण लगना तय है। डीआईओएस सर्वेश कुमार ने बताया कि परीक्षा को स्थगित करने के संबंध में शासन से अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है। मगर, पंचायत चुनाव में मतदान की तिथि घोषित हो चुका है। ऐसे में परीक्षा टल सकती है।
कोरोना बढ़ा तो भी बढ़ेगा संकट
जिस रफ्तार से कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है, उससे यूपी बोर्ड परीक्षा के आयोजन पर संकट छा सकता है। बोर्ड परीक्षा में कमरे में तो दूर बैठ सकते हैं, लेकिन बाहर निकलते समय भीड़ होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
परीक्षा के लिए बने हैं इतने केंद्र
जिले में इस बार बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 32 हजार 754 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इसके लिए 44 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यह सभी परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरे से लैस हैं।