बागपत। सजायाफ्ता सुनील राठी को बागपत जेल से हरिद्वार कोर्ट में पेशी पर ले जाने की अनुमति नहीं मिल सकी। गैंगेस्टर कोर्ट ने सुनील राठी को रवाना करने की अनुमति नहीं दी। इस कारण हरिद्वार पुलिस बैरंग लौट गई। सुनील राठी ने दस दिन पहले रुड़की के एक डॉक्टर से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में राठी की मां और टीकरी नगर पंचायत की चेयरमैन राजबाला को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।
बागपत जेल में बंद सुनील राठी टीकरी कस्बा का रहने वाला है। मंगलवार को हरिद्वार कोर्ट में सुनील राठी की पेशी थी। उत्तराखंड पुलिस उसे लेने के लिए बागपत कारागार पहुंची। इससे पहले उत्तराखंड पुलिस ने बागपत एसपी जय प्रकाश से सुनील राठी को कड़ी अभिरक्षा में ले जाने के लिए सुरक्षाकर्मियों की मांग की । उनके निर्देश पर पुलिस लाइन से पुलिस कर्मियों को भेज दिया । हरिद्वार पुलिस के साथ सुनील को भेजने के लिए जेल प्रशासन ने गैंगेस्टर कोर्ट से अनुमति मांगी। जेलर ने बताया कि कोर्ट ने सुनील राठी को हरिद्वार पुलिस के साथ भेजने से इंकार कर दिया, क्योंकि हरिद्वार कोर्ट में पेश करने के लिए कम समय रह गया । उस समय तक सुनील को पुलिस हरिद्वार लेकर नहीं पहुंच सकती थी। यही वजह रही की अनुमति नहीं दी जा सकी। राठी की मां टीकरी की चेयरमैन है। इस बार भी वह टीकरी से नगर पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रही है। सुनील करीब डेढ़ माह पहले उत्तराखंड की देहरादून जेल से बागपत कारागार में शिफ्ट हुआ था। उस पर दो दर्जन से अधिक, हत्या, रंगदारी समेत विभिन्न धाराओं के मुकदमे दर्ज हैं।
रुड़की के डॉक्टर से मांगी 50 लाख की रंगदारी
बागपत। सुनील राठी ने रुड़की की आवास विकास कॉलोनी में रहने वाले डॉ. एनडी अरोड़ा से तीन नवंबर को 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी । यह रकम उनकी मां राजबाला चौधरी को देने के लिए कहा था। पीड़ित डॉक्टर की तहरीर पर रुड़की के थाना गंगानगर में सुनील राठी और उसकी माता राजबाला चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ । रुड़की पुलिस शनिवार को राजबाला चौधरी को उसके मकान से गिरफ्तार करके ले गई थी।
सुनील ने ही पुलिस अभिरक्षा
से छुड़वाया था गैंगेस्टर अमित
बागपत। देहरादून पुलिस कस्टडी से गैंगेस्टर अमित उर्फ भूरा निवासी सरनावली (मुजफ्फरनगर) को 15 दिसंबर 2014 को दो एके-47 और एक कारबाइन लूटकर छुड़ाया था। उसको सुनील राठी ने ही जेल से छुड़ाने का प्लान किया था। उसी के अनुसार वारदात को अंजाम दिया था। कोतवाली पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की थी।