बागपत। सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के एक गांव में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म करने की कोशिश करने के आरोपी युवक को कोर्ट ने दोषी मानकर सात साल की सजा सुनाई। इसके अलावा पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
पीड़ित बच्ची के पिता ने थाना में दी तहरीर में बताया था कि उसकी बेटी आठ दिसंबर 2013 को घर के बाहर खेलने के लिए गई थी। काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो उसकी तलाश शुरू कर दी। गांव के दो लोगों ने बताया उनकी बेटी को गांव का ही युवक नीरज ले जा रहा था। खेत की ओर गए तो ईख के एक खेत से बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनाई की। वहां जाकर देखा तो आरोपी नीरज उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश कर रहा था। उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने कोर्ट में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने बताया केस एडीजे रमेश चंद दिवाकर की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने आरोपी नीरज को दोषी मानकर सात साल की साज की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।