बागपत। फर्जी परमिट बनाकर नेपाल बॉर्डर पार करते हुए टूरिस्ट बस को जांच के दौरान सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने पकड़ लिया। बागपत से बस का पंजीकरण होने के कारण परिवहन आयुक्त ने एआरटीओ को बस मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
एआरटीओ राघवेंद्र सिंह ने वाहन स्वामी मैसर्स राणा ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक अजय राणा के खिलाफ बागपत कोतवाली मेें मुकदमा दर्ज कराया।
एआरटीओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि 14 जुलाई को भारत-नेपाल सीमा पार करते समय एक बस पकड़ी गई थी। बस में बॉर्डर पार करने के लिए विशेष परमिट था, मगर उस परमिट को लेकर संदेह हुआ तो परिवहन आयुक्त ने उसकी जांच के लिए पत्र भेजा। बस संख्या यूपी 17 एटी 7446 की जांच कराई गई तो उसको कोई विशेष परमिट जारी नहीं हुआ था और उसके पास फर्जी परमिट था। उस परमिट को फर्म-एसआर-30 (रूल 65(1)(वी) एमवी एक्ट 1988) के अंतर्गत उप संभागीय परिवहन कार्यालय बागपत से 11 जुलाई को जारी दर्शाया गया था। इसका रूट दिल्ली-सोनौली-बाराबंकी-फैजाबाद-बस्ती-सिद्धार्थनगर-मुटवल-नेपाल वापस दिल्ली बताया गया था। यह अंतरराष्ट्रीय मार्ग में शामिल है।
एआरटीओ ने बताया कि उनके कार्यालय से ऐसा कोई परमिट जारी नहीं किया गया था। वहीं वाहन स्वामी मैसर्स राणा ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक अजय राणा पुत्र भरत सिंह राणा स्थानीय पता पट्टी औरंगाबाद खेकड़ा बागपत व अस्थायी पता शाहबाद एक्स्टेशन रोहणी उत्तर-पश्चिम दिल्ली ने स्पेशल परमिट के लिए आवेदन तक नहीं किया था। इस पर एआरटीओ ने धोखाधड़ी कर फर्जी कागज बनाने पर ट्रेवल्स कंपनी के मालिक पर बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि एआरटीओ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।