सीसीटीवी कैमरे की दृश्यता भी करते थे बाधित
कंपनी के रिकॉर्ड की जांच में पिछले डेढ़ साल में 77 लाख रुपये से अधिक के सामान के गायब होने का पता चला। इसके बाद गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
आरोप है कि गोदाम में बैग या अन्य सामान इस तरह रख दिया जाता था, जिससे सीसीटीवी कैमरे की दृश्यता बाधित हो जाए। इसी दौरान महंगे मोबाइल और अन्य सामान के पैकेट खोलकर सामान बदले जाने की आशंका है।
गोदाम मैनेजर समेत कई नाम सामने आए
जांच के दौरान गोदाम के मैनेजर आशीष चौधरी के साथ अभिषेक, विवेक और हिमांशु निवासी आजाद नगर, बड़ौत तथा अनिल निवासी मुजफ्फरनगर समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।
पुलिस ने रविवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, गायब किए गए सामान और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
करोड़ों तक पहुंच सकता है गबन का आंकड़ा
शिकायतकर्ता के अनुसार अभी कंपनी के रिकॉर्ड में करीब 77 लाख रुपये से अधिक के सामान का नुकसान सामने आया है। पुलिस की जांच में यदि अन्य घटनाएं और आरोपी सामने आते हैं तो गबन का आंकड़ा करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।