Saharanpur News: शहर कोतवाली, एसओजी व सर्विलांस टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.28 लाख रुपये के नकली सिक्के, छह मशीनें, कार और 39 बिना मुहर की डाई बरामद की हैं। ये लोग ज्यादातर बाजार, ठेकों और टोल प्लाजा पर नकली सिक्के खपाते थे। सिक्के सहारनपुर समेत आसपास के कई जिलों में खपाए गए।
नकली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों का बड़ा खेल सामने आया है। शहर कोतवाली पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1.28 लाख रुपये के नकली सिक्के, छह मशीनें, सिक्के बनाने की डाई, अधबने सिक्के और उपकरण बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी अब तक बाजार में 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के बाजार में खपा चुके हैं।
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पुलिस लाइन में एसएसपी अभिनंदन सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि पुलिस को कुछ दिनों से नकली सिक्के चलने की सूचना मिल रही थी। शहर कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने गिरोह को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसी मामले में एक दिन पहले ही दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए।
रविवार को पुलिस टीम ने जुबली पार्क से उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह निवासी टावर डी-पांच पेंटाहोम सोसायटी जिरकपुर मोहाली, हिमांशु उर्फ गुल्लू निवासी बरसी, कुलदीप निवासी आवास विकास, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्धन निवासी लड्डू गांव मधुबनी बिहार और अनुराग पाल उर्फ लंकेश निवासी पीपरीश रामेश्वरम जिला संत रविदासनगर को गिरफ्तार किया।
इनके कब्जे से 1.28 लाख (20-20 के 6400 नकली सिक्के), पांच लाख के अधबने सिक्के, 500-500 रुपये के 20 नोट, सिक्के तैयार करने वाली छह मशीनें, लोहे की पांच डाई, बिना मुहर की 39 डाई और मुहर लगी 20 डाई, आठ मोबाइल फोन, डाई पॉलिश मशीन, दो घिसाई पत्थर, दो कार और अन्य उपकरण बरामद हुए। सात हिसाब रजिस्टर, पैड और एक चेकबुक भी बरामद हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अब तक बाजार में 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के चला चुके थे। हरियाणा के सोनीपत में प्लांट लगा था, जहां से नकली सिक्कों की सप्लाई कई राज्यों में करते थे।
बाजार, शराब ठेकों और टोल प्लाजा पर खपाते थे नकली सिक्के
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 20-20 रुपये के नकली सिक्के तैयार कर बाजार में चला रहे थे। इसके अलावा सरकारी शराब के ठेकों और टोल प्लाजा पर भी नकली सिक्के खपाने की बात स्वीकार की है। गिरोह के पास सिक्के बनाने और उनकी फिनिशिंग करने के लिए मशीनों से लेकर डाई, घिसाई पत्थर और अन्य उपकरण मौजूद थे।