बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर काठा-नंगला बहलोलपुर गांव के बीच में खेत में मिला महिला का शव दिल्ली के खिचड़ीपुर की उन्नति का होने का शक जताया गया।
उन्नति के पति ने शव की पहचान करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की, जिस पर बागपत पुलिस ने उसके पति समेत चार की जिला अस्पताल में डीएनए जांच कराई। चारों के डीएनए सैंपल का शव के डीएनए सैंपल से मिलान कराया जाएगा। उसकी रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि शव उन्नति का ही है या किसी और का।
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर काठा-नंगला बहलोलपुर गांव के बीच में स्थित एक खेत में 13 अगस्त को एक महिला का शव चादर में लिपटा हुआ मिला था, जो तेजाब से जलाया गया था। पुलिस ने शव की पहचान करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, लेकिन पहचान नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने पहचान कराने के लिए हाईवे से लेकर अन्य जगहों पर महिला के फोटो चस्पा किए। 72 घंटे बाद भी पहचान नहीं होने पर लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इसी मामले में दिल्ली के खिचड़ीपुर गांव निवासी शंकर कुमार ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की।
अर्जी में शंकर कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी उन्नति एक अगस्त से लापता है, जिसे तलाशने के बाद भी कुछ पता नहीं चला। हाईवे किनारे लगा फोटो देखकर शंकर कुमार ने शव अपनी पत्नी का होने का शक जताया और पहचान कराने की मांग की। इस मामले के विवेचना अधिकारी मनोज कुमार चहल ने बताया कि उन्नति की मां मिथलेश, भाई रितिक, पति शंकर कुमार और बेटी तनीषा का जिला अस्पताल में डीएनए सैंपल कराया गया, जिसकी लैब में जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि शव उन्नति का है या नहीं। शव की पहचान करने के लिए दूसरे राज्यों में भी संपर्क किया जा रहा है।
19 दिन बाद पहचान होने की उम्मीद जगी
हाईवे किनारे पहले भी कई शव मिल चुके हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी। 13 अगस्त को मिले शव की पहचान कराने के लिए पुलिस ने काफी प्रयास किए। अब 19 दिन बाद शव की पहचान होने की उम्मीद जगी है।