बागपत। टांडा गांव में संचालित दारूल उलूम मुजफ्फरिया लिल बनात मदरसे में मुफ्ती शहजाद के 11 माह के बेटे दलहा की हत्या के बाद अफसर हरकत में आए हैं। इसके बाद जिले के सभी मदरसों की जांच दोबारा शुरू कर दी गई है।
इसके लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंंद तिवारी ने तीन दिन में सभी मदरसा संचालकों से रिकार्ड के साथ पेश होने के निर्देश दिए।
जिले में 131 मदरसे संचालित हैं। इनमें से सिर्फ तीन ही मान्यता प्राप्त हैं, जबकि अन्य मदरसे बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। टांडा गांव में दारूल उलूम मुजफ्फरिया लिल बनात मदरसा भी बिना मान्यता के संचालित किया जा रहा है।
अन्य मदरसे भी बिना मान्यता के चल रहे हैं। इसको लेकर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने दोबारा जांच शुरू कर दी है। इसमें मदरसों के नवीनीकरण, मान्यता पत्रावली, समिति के दस्तावेज, मदरसे के बैंक खातों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं की संख्या, उन्हें मिलने वाली सुविधाओं और जमीन संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद तिवारी ने बताया कि सभी मदरसों की दोबारा जांच की जाएगी। इसके लिए सभी मदरसा संचालकों को तीन दिन में दस्तावेज और रिकार्ड लेकर बुलाया गया है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।