बागपत। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम पूनम राजपूत ने किरठल गांव के जनसेवा केंद्र संचालक कोमल चौहान के भाई दीपक के हत्यारे सेवानिवृत्त सैनिक पवन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 44 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी।
किरठल निवासी जनसेवा केंद्र संचालक कोमल चौहान ने 18 मई 2020 में रमाला थाने में अपने भाई दीपक की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि खेत में धान की रोपाई के लिए जाने को दोपहर तीन बजे अपना जनसेवा केंद्र बंद कर रहा था। तभी गांव का सेवानिवृत्त सैनिक पवन वहां आकर बैंक खाते से पांच हजार रुपये निकालने के लिए कहने लगा। उन्होंने धान की रोपाई के लिए जाने में देरी होने की बात कहकर शाम को आने के लिए कहा तो पवन गाली-गलौज करते हुए वापस चला गया।
पवन थोड़ी देर बाद अपनी दोनाली बंदूक लेकर आया और दीपक के कंधे में गोली मार दी। इससे घायल दीपक जमीन पर गिर गया। अपने भाई दीपक को उठाकर बड़ौत के अस्पताल में लेकर गया, लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने पवन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम में चल रही थी, जिसमें अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। एडीजीसी गगन गौड़ ने शुक्रवार को सजा को लेकर सुनवाई में हत्यारे को फांसी की सजा देने की मांग की। सुनवाई पूरी होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम पूनम राजपूत ने पवन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 44 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी।
भाई बोला, न्यायालय के फैसले से संतुष्ट
कोमल चौहान ने बताया कि छह साल पहले उसके सामने ही भाई दीपक की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने छह साल तक न्याय के लिए लड़ाई लड़ी और लगातार पैरवी करते रहे। न्यायालय के फैसले से उनका परिवार संतुष्ट है। दीपक के परिवार में दो बेटी सिमरन चौहान, अवनी चौहान, दो बेटे विराज चौहान और अर्थ चौहान है। उनके पिता और मां की पहले ही मौत हो चुकी है।