बागपत। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश साबिस्ता आकिल ने बड़ौत की किशोरी का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने वाले सलाउ और इमरान को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही 15-15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर छह-छह माह की सजा बढ़ाई जाएगी।
बड़ौत कोतवाली में अप्रैल 2019 को एक व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी घर के पीछे प्लॉट से उपले लेने गई थी, वहां से कई युवक उसका अपहरण कर ले गए। इसकी शिकायत पुलिस से की और तलाश शुरू कर दी। इसके बाद शहर में एक खाली जगह में उसकी बेटी बेहोश पड़ी मिली। होश में आने पर उनकी बेटी ने बताया कि सलाउ, इमरान अपने एक साथी के साथ मिलकर उसका अपहरण कर ले गए और तीनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी सलाउ, इमरान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि तीसरे आरोपी को जांच में क्लीनचिट दे दी। पुलिस ने न्यायालय में सलाउ और इमरान के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पंचम में हुई। इसमें सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश साबिस्ता आकिल ने दोनों पर दोषसिद्ध करते हुए सजा पर सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन नियत कर दिया था। शुक्रवार को इसमें सुनवाई करते हुए न्यायाधीश साबिस्ता आकिल ने सलाउ और इमरान को 20-20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 15-15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से आठ गवाह पेश किए गए। इसमें प्राथमिकी दर्ज कराने वाले वादी, पीड़िता की मां, विवेचक समेत आठ लोगों ने अपने बयान दिए। उनकी गवाही व साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई।