फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चर्चित मामला: लाक्षागृह या कब्रिस्तान, कल होगी फैसले की सुनवाई, 53 सालों से अदालत में चल रहा वाद

Thu, 21 Sep 2023 09:19 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत

सार

Baghpat News : बरनावा के रहने वाले मुकीम खान ने वर्ष 1970 में मेरठ की अदालत में दायर किए वाद में लाक्षाग्रह गुरुकुल के संस्थापक ब्रह्मचारी कृष्णदत्त महाराज को प्रतिवादी बनाया था।
विज्ञापन
बरनावा लाक्षागृह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बागपत जनपद में हिंडन और कृष्णा नदी के संगम पर बसे बरनावा गांव स्थित ऐतिहासिक टीला महाभारत का लाक्षागृह है या शेख बदरुउद्दीन की दरगाह व कब्रिस्तान को लेकर 53 वर्षों से न्यायालय में चल रहे वाद पर शुक्रवार को कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। फैसले पर दोनों पक्षों की निगाहें टिकी हैं।

विज्ञापन


बरनावा के रहने वाले मुकीम खान ने वर्ष 1970 में मेरठ की अदालत में दायर किए वाद में लाक्षागृह गुरुकुल के संस्थापक ब्रह्मचारी कृष्णदत्त महाराज को प्रतिवादी बनाया था। इसमें मुकीम खान और कृष्णदत्त महाराज दोनों का निधन हो चुका है। दोनों पक्ष से अन्य लोग वाद की पैरवी कर रहे हैं। जिला अलग हो जाने के बाद अब यह मामला सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम की कोर्ट में चल रहा है। 

वहीं, दोनों पक्षों के लोग अपने-अपने वकीलों के माध्यम से कोर्ट में साक्ष्य भी प्रस्तुत कर रहे हैं। मामले में कोर्ट से मौके का मुआयना कराने की भी अपील की गई। वाद में कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने के लिए बीती 31 अगस्त की तारीख लगी थी, लेकिन उस दिन कोर्ट ने फैसला नहीं सुनाया। 

यह भी पढ़ें: देवबंद: एटीएस ने एक संदिग्ध उठाया, टीम को मिले अहम सबूत, पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े राज
विज्ञापन

इसके बाद 12 सितंबर को भी कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया और वाद में अगली तारीख 22 सितंबर दे दी। कोर्ट वाद में शुक्रवार को अपना फैसला सुना सकता है।

यह भी पढ़ें: पूर्व आईपीएस का भाजपा पर हमला: अमिताभ ठाकुर बोले- आजम खां पर कार्रवाई तो अपने मंत्री को क्यों छोड़ रही सरकार
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें