पांच सौ शादियों के धूम धड़ाके में गुम हो गया कोरोना का डर
शादी समारोहों में नहीं दिखी सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क, मंडपों पर नहीं की गई सैनिटाइजर की व्यवस्था
देवोत्थान एकादशी में सड़कों पर ज्यादा भीड़ उमड़ने के बाद जगह-जगह लगा जाम
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। देवोत्थान एकादशी पर जिलेभर में करीब 500 शादियां हुईं, खूब धूम धड़ाका रहा। जश्न के चक्कर में लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन करना भी भूल गए। अधिकतर बराती-घराती बिना मास्क के दिखे। दावतों में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया। घुड़चढ़ी के दौरान भी खूब लापरवाही बरती गई। पुलिस ने शादी के वाहनों को रुकवाकर चेकिंग अभियान चलाया।
बड़ौत रोड स्थित मंडप में दावत के दौरान कहीं सोशल डिस्टेंस का पालन नजर नहीं आया। बिना मास्क के ही मेहमानों की आवाजाही लगी रही। सैनिटाइजर की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखी। बागपत नगर में कोर्ट रोड पर बराती बिना मास्क के नाचते हुए गुजरे। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का भी पालन नहीं किया गया। बड़ौत में छपरौली चुंगी पर विवाह मंडप में कोरोना गाइडलाइन को ताक पर रखकर बराती एक साथ एक-दूसरे से सटकर दावत खाते नजर आए। कुछ ही लोगों ने सैनिटाइजर का प्रयोग किया। घुड़चढ़ी के दौरान भी मास्क नहीं लगाया गया। बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर विवाह मंडप के बाहर लोग भीड़ लगाए रहे। यहां भी अधिकतर बाराती बिना मास्क के नजर आए।
मैरिज होम के पास नहीं पार्किंग, दिनभर रहा जाम
बड़ौत। सहालग के बीच लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। अधिकांश मैरिज होम संचालकों के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जिसको लेकर शादी समारोह में शामिल होने आए लोगों ने अपने वाहनों को सर्विस रोड या फिर मैरिज होम के बाहर सड़क पर ही खड़ा कर दिया। जिसके चलते दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर छपरौली चुंगी, बिजरौल रोड़ तिराहा, औद्योगिक पुलिस चौकी, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे, बिनौली रोड, दिल्ली बस स्टैंड के अलावा अन्य मुख्य मार्गों पर जाम लग गया। बरात चढ़ने के कारण लोगों को वाहन निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्राइवेट वाहन चालकों ने वसूला मनमाना भाड़ा
बड़ौत। देवोत्थान एकादशी पर सबसे बड़ा सहालग था। जिसको लेकर वाहनों की कमी जमकर खली। जो प्राइवेट वाहन खाली थे, उन वाहन मालिकों द्वारा मनमाना किराया वसूल किया गया। ट्रेन सेवा भी प्रभावित होने के कारण रोडवेज बसों में भीड़ देखने को मिली। शादी समारोह में भाग लेने जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही तैयारियों में जुटे रहे लोग, समय से पहले खुले बाजार
बड़ौत। जो लोग समय से शॉपिंग नहीं कर सके, वे सुबह दस बजे ही बाजारों में पहुंच गए और जरूरत की खरीदारी की गई।
फूलों से सजीं दूल्हे की गाड़ियां
बड़ौत। इस बार गेंदे के फूल की कम पैदावार के कारण जहां दीपावली पर फूलों की माला महंगी बिकी। वहीं बुधवार को भी फूलों की कमी नजर आई। दुल्हन की विदाई के लिए जो गाड़ी दो हजार से तीन हजार तक में गेंदा और गुलाब के फूल से सज जाती थी। वह इस बार चार से पांच हजार रुपये में फूल विक्रेताओं द्वारा सजाई गई।