नानौता में संविदाकर्मी की मौत के बाद परिजनों को चेक देते जेई। श्रोत ग्रामीण
नानौता। क्षेत्र के गांव जैदपुरा निवासी संविदाकर्मी लाइनमैन जैन सिंह (42) की लाइन पर काम करते समय हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक के परिजनों के साथ ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर हंगामा किया। मृतक के भाई राजबीर ने विद्युतकर्मी पर शटडाउन लिए जाने के बावजूद जानबूझकर लाइन बंद न करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी।
जैन सिंह संविदाकर्मी लाइनमैन के तौर पर विद्युत उपकेंद्र चौरा पर तैनात था। वह सुबह करीब 9:30 बजे गांव चौरा में सुब्रत चौधरी के ट्यूबवेल के पास लगे सेक्शन पोल पर हुए फाल्ट को ठीक करने गया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि जैन सिंह द्वारा शटडाउन लिए जाने के बावजूद भी बिजलीघर पर तैनात एक कर्मचारी द्वारा जानबूझकर लाइन बंद नहीं की गई। इस कारण खंभे पर चढ़ते ही करंट की चपेट में आने से जैन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे घायलावस्था में सीएचसी नानौता पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनकर परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण सीएचसी पहुंचे। वहां ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीण मांग पूरी होने तक शव नहीं उठाने देने पर अड़े रहे।
जेई संजीव कुमार द्वारा पचास हजार का चेक और मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदाकर्मी की नौकरी और कंपनी की ओर से दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के आश्वासन पर ग्रामीण माने। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। इस दौरान पूर्व प्रधान चरण सिंह, राधेश्याम, खेमचंद कश्यप, भीम आर्मी नेता अनिल आभा, अतहर मलिक, मनोज कुमार चौरा आदि रहे। पुलिस ने बताया कि जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।