बागपत में प्रधानाचार्य सतपाल शर्मा की हत्या का ठेका मेरठ जेल में एक सप्ताह में ही शूटरों को दिया था। वहां पर ही हत्या की स्क्रीप्ट तैयार हुई थी। पुलिस सूत्रों की माने तो तय हुआ था अकेले सतपाल की हत्या करोगे तो तीन लाख मिलेंगे, सतपाल और उनकी पत्नी उर्मिला की हत्या करने पर छह लाख रुपये दिए जाएंगे। छपरौली थाना के एक हिस्ट्रीशीटर के माध्यम से हत्या का ठेका दिया था। हालांकि अफसर जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं।
प्रधानाचार्य सतपाल की हत्या करके भाग रहे बदमाश निरपुड़ा के सोनू उर्फ शिशुपाल उर्फ अमरिकन ने मरने से पूर्व गांव के लोगों को घटना की जानकारी दी। गांव के लोगों ने पुलिस को इससे अवगत करा दिया है। पुलिस सूत्रों की माने तो मेरठ जेल में बंद छपरौली थाना के हिस्ट्रीशीटर के माध्यम से सतपाल और उनकी पत्नी उर्मिला की हत्या करने का प्लान बना था।
तय हुआ था अकेले सतपाल की हत्या करोगे तो तीन लाख रुपये मिलेंगे, उनकी पत्नी की भी हत्या कर दोंगे तो छह लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्हें पहले ही बता दिया गया था कि कहां पर किसकी हत्या करनी है। इसलिए सतपाल के परिजनों के सामने कहा जा रहा था स्कूल में सबके सामने गोली मारी जाएगी। एसपी रवि शंकर छवि ने कहा इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। बदमाश के पकड़े जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
हत्या करने के लिए मांगकर लाए बाइक
बागपत। बदमाश प्रधानाध्यापक सतपाल की हत्या करने के लिए बाइक अपने गांव के एक युवक से मांगकर लाए थे। युवक को बताया गया था कि वे बुढ़ाना दवा लेने जा रहे है।
चार साल पहले जेल गया था बदमाश
बागपत। मारा गया बदमाश सोनू उर्फ शिशुपाल चार साल पूर्व जानलेवा हमले के केस में जेल गया था। सूचना पर उसका पिता अजीत और गांव के काफी लोग पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। अजीत ने कहा उसे नहीं पता कि उसका बेटा सोनू खिंदौड़ा कैसे पहुंचे। गांव के लोगों ने बताया वह घर से सुबह करीब आठ बजे बुढ़ाना में डॉक्टर से दवा लेने के लिए बोलकर आया था।