- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जून 2021 में किया गया था सभी सड़कों का शिलान्यास
- ठेकेदार के सड़क नहीं बनाने से अधिकारियों ने कार्रवाई की चेतावनी दी, अब जल्द निर्माण दोबारा शुरू होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बिनौली-कैड़वा सहित जिन तीन सड़कों का निर्माण बंद पड़ा है, वह जल्द ही शुरू होने वाला है। इन सड़कों के निर्माण का ठेका जून 21 में छोड़ने के बावजूद अभी तक निर्माण नहीं हो सका है। इससे एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ठेकेदार पर अधिकारियों ने शिकंजा कसा तो अब जल्द दोबारा से निर्माण शुरू होगा।
बिनौली से वाया फजलपुर तेड़ा मार्ग की दूरी करीब 10 किलोमीटर है। इस मार्ग पर दरकावदा, फजलपुर, तितरोदा, तेड़ा, नंगला, पोइस आदि गांव पड़ते है। साथ ही कई गांव इस सड़क से जुड़े है। इस मार्ग की हालत काफी खराब है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इसका निर्माण कराने का ठेका जून 2021 में छोड़ा गया था। इसके बावजूद ठेकेदार ने इसका निर्माण पूरा नहीं किया है। इस तरह ही बिनौली-कैड़वा मार्ग की हालत काफी खराब है। उसका भी ठेका प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत छोड़ा गया था, लेकिन उसका भी निर्माण नहीं कराया गया है। इनके अलावा गढ़ी कांगरान से मिलाना तक भी सड़क का निर्माण कराया जाना था। मगर, इन तीनों सड़कों पर जून से अभी तक आधा भी काम नहीं हो सका है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने ठेकेदार पर शिकंजा कसना शुरू किया तो अब दोबारा से निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कराया जाएगा।
हजूराबाद गढ़ी में सबसे बुरे हालात, रास्ते में कीचड़
बिनौली-कैड़वा मार्ग पर हजूराबाद गढ़ी में सबसे बुरे हालात है। गांव के मुख्य रास्ते पर दूषित पानी व कीचड़ है। इसके बीच से निकलकर ही लोगों को जाना पड़ता है। अमीनगर सराय से बिनौली जाने के लिए भी यही रास्ता है। हजूराबाद गढ़ी के धीरज उज्ज्वल कहते है कि इसके लिए कई बार अधिकारियों को कहा गया है, इसका जल्द समाधान होना चाहिए।
ठेकेदार को सड़कों का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है, ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो सके। अब जल्द ही निर्माण शुरू होगा और मार्च के आखिर तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। अन्य सड़कों का निर्माण भी जल्द पूरा करने के लिए निर्माण तेजी से कराया जाएगा। - हबीबुल्ला, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग