बागपत। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भ्रम और अफवाह की स्थिति है। पुराने प्रमाणपत्रों के लिए लोग सरकारी कार्यालय में गोपनीय तरीके से भागदौड़ कर रहे हैं। बीएसए कार्यालय मेें 50 साल बाद एक बुजुर्ग अपना पांचवीं पास का प्रमाणपत्र लेने पहुंचे। बीएसए से मुलाकात नहीं हो सकी।
राजपुर गांव निवासी मंजूर अहमद ने साल 1970 में लुहारी गांव के केएचआर इंटर कॉलेज से पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। बृहस्पतिवार को वह बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां कर्मचारियों को उन्होंने बताया कि पांचवीं पास का प्रमाणपत्र देने से स्कूल ने मना कर दिया है। स्कूल का कहना है कि बीएसए की अनुमति के बाद ही प्रमाणपत्र मिलेगा। कर्मचारियों ने पचास साल बाद प्रमाणपत्र की जरूरत पूछी तो मंजूर ने कहा कि वह उसे व्यक्तिगत जरूरत है। एनआरसी जैसे मामलों में भी पुराने प्रमाणपत्रों की जरूरत पड़ सकती है। यहां मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह बुजुर्ग को नागरिकता संशोधन कानून के विषय में समझाकर वापस भेज दिया। बीएसए से उसकी मुलाकात नहीं हो सकी।