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कलक्ट्र्रेट में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा, अस्पताल में भटकते रहे मरीज

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बागपत जिला अस्पताल में सोमवार को चिकित्सक के कक्ष पर चस्पा नोटिस - फोटो : BAGHPAT
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कलक्ट्रेट में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे, अस्पताल में इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
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बागपत। जनप्रतिनिधि व अधिकारी भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवा दिए जाने का दावा करते हों परंतु जमीनी हकीकत पूरी तरह से अलहदा है। यह सोमवार को उस समय साफ हो गया जब कलक्ट्रेट में आयुष्मान अंत्योदय के द्वार कार्यक्रम के तहत विधायक व अधिकारी स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने का दावा कर रहे थे। वहीं, उसी समय जिला अस्पताल में मरीज व तीमारदार भटक रहे थे। हालात ये थे कि उपचार, दवा व जांच के अभाव में वापस लौट रहे थे। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाआें की सच्चाई का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है ....
आयुष्मान कार्ड देकर स्वास्थ्य सेवा बेहतर बताईं
कलक्ट्रेट स्थित लोकमंच सभागार में आयुष्मान अंत्योदय के द्वार कार्यक्रम में बड़ौत विधायक केपी मलिक, डीएम राजकमल यादव, सीडीओ रणजीत सिंह, सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. यशवीर सिंह समेत अन्य मौजूद रहे। वहां 65 लाभार्थियों को अंत्योदय आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। वहां विधायक केपी मलिक ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया गया है। गरीबों को मुफ्त उपचार के लिए सरकार ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। ऐसे में हर किसी को उपचार मिल रहा है। डीएम राजकमल यादव समेत अन्य अधिकारियों ने भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं होने का दावा किया। वहीं, प्रदेश स्तर पर आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया।
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व्यवस्था सुधर रही
अस्पताल में व्यवस्थाएं सुधारने को लेकर डीएम से बात हुई है। वहां जल्द ही स्थिति सुधरी हुई दिखाई देगी। वहां पहले जांच मशीन खराब हो गई थी। अब केमिकल खत्म होने की समस्या थी परंतु अब उपलब्ध करा दिए हैं। इसके अतिरिक्त चिकित्सकों की रोस्टर अनुसार ड्यूटी लगाई जा रही है। जिससे कोई चिकित्सक नहीं होता है तो उसकी जगह दूसरा मरीजों का उपचार करे। वहां नए सीएमएस आए हैं और अब जल्द ही स्थिति ठीक मिलेगी। डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ
बहन को गोद में उठाकर भटकता रहा भाई
जिला अस्पताल में बुरे हालात हैं। वहां मरीज उपचार, दवा व जांच के लिए भटक रहे थे। सांकरौद की साबिस्ता शरीर दर्द के चलते अल्ट्रासाउंड कराने आई थी। अल्ट्रासाउंड केंद्र में कई घंटे तक कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। इस पर वह चिकित्सक से दवा लेने के लिए कक्ष के बाहर बैठ गई। वहां भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं, बसौद की बलकेश चिकित्सक से दवा लेने पहुंची थी। वह भी चिकित्सक के इंतजार में घंटों बैठी रही। इसके बाद उसको उपचार मिल सका। दोघट की शायरा को भाई गोद में लेकर खून की जांच कराने के लिए घूमता रहा। अस्पताल में खून की जांच के लिए सैंपल 12 बजे तक लिए जाते हैं। उन्हें पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगे रहने के दौरान 12 बजकर 20 मिनट हो गए तो उनकी जांच नहीं की गई। इस कारण उनको बिना जांच कराए लौटना पड़ा।
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डाक्टर साहब छुट्टी पर हैं
जिला अस्पताल में कक्ष संख्या नौ पर तीन दिन पहले पर्चा लगाया गया था कि आज डाक्टर साहब छुट्टी पर हैं। वह पर्चा अभी तक ऐसे ही लगा हुआ है। चिकित्सक भी नहीं लौटे हैं। इस तरह से मरीजों को गलत जानकारी दी जा रही है। लोग भी चिकित्सक को केवल एक दिन की छुट्टी पर समझकर अगले दिन अस्पताल पहुंच रहे हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ के कक्ष पर जरूर तीन दिन की छुट्टी का पर्चा लगाया गया है।

बागपत जिला अस्पताल में बंद पड़ा आरोग्य मित्र कक्ष- फोटो : BAGHPAT

महिला मरीज बलकेश- फोटो : BAGHPAT

महिला मरीज साविसता- फोटो : BAGHPAT

बागपत जिला अस्तपाल में बंद पड़े चिकित्सक के कक्ष पर चस्पा नोटिस पढ़ती महिला मरीज- फोटो : BAGHPAT

बागपत जिला अस्पताल में जांच के लिए परेशान खड़े मरीज- फोटो : BAGHPAT

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