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वीरांगना नीरा आर्य पर फिल्म बनाएंगी चीन की फिल्मकार

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खेकड़ा (बागपत)। चीन की फिल्मकार झांग हुइहुआंग ग्रेसी खेकड़ा के साहित्यकार तेजपाल सिंह की नीरा आर्य के जीवन संघर्ष पर लिखी गई पुस्तक ‘फर्स्ट लेडी स्पाई’ पर फिल्म बनाएंगी। खेकड़ा में जन्मीं नीरा आर्य नेताजी सुभाष चंद्रबोस की रानी झांसी रेजीमेंट की सिपाही थी। देश की आजादी के लिए नीरा आर्य ने अंग्रेज सरकार के जुल्म सहते हुए मौत को गले लगा लिया था।
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खेकड़ा के मोहल्ला गिरधरपुर निवासी साहित्यकार तेजपाल सिंह धामा ने बताया कि जनवरी में हुए जयपुर फिल्म फेस्टिवल में चीन की फिल्मकार झांग हुइहुआंग ग्रेसी ने नीरा आर्य पर लिखी उनकी पुस्तक के अंग्रेजी संस्करण ‘फर्स्ट लेडी स्पाई’ से काफी प्रभावित हुई। उन्होंने नीरा आर्य के जीवन संघर्ष पर फिल्म बनाने की मंशा जाहिर की। धामा ने बताया कि उनकी लिखी पटकथा पर झांग हुइहुआंग ग्रेसी निवेश करेंगी। फिल्म के माध्यम से वीरांगना नीरा आर्य की कहानी दुनिया के सामने आएगी। खेकड़ा की वीरांगना बेटी पर बनने वाली फिल्म को लेकर नगरवासी उत्साहित हैं। संवाद
कौन थी नीरा आर्य
नीरा आर्य सुभाषचंद्र बोस की रानी झांसी रेजीमेंट की सिपाही थी। उन पर अंग्रेजी सरकार ने गुप्तचर होने का आरोप लगाया था। नीरा आर्य का जन्म पांच मार्च 1902 को संयुक्त प्रांत के खेकड़ा में हुआ था। पांच वर्ष की आयु में उनके माता-पिता का महामारी में निधन हो गया था। सेठ छज्जूमल नीरा को गोद लेकर कलकत्ता चले गए। नीरा आर्य का विवाह ब्रिटिश भारत के सीआईडी इंस्पेक्टर श्रीकांत जयरंजन दास के साथ हुआ। नीरा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जान बचाने के लिए अपने पति की हत्या कर दी थी। लाल किले में मुकदमा चला तो सभी बंदी सैनिकों को छोड़ दिया गया, लेकिन इन्हें पति की हत्या के आरोप में काले पानी की सजा हुई, जहां स्तन काटने जैसी घोर यातनाएं दी गई। रविवार 26 जुलाई 1998 को हैदराबाद के उस्मानिया अस्पताल में उनकी मौत हो थी।
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