बागपत। सर्दी बढ़ने का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को सांस लेने में परेशानी हो रही है तो निमोनिया और खांसी बच्चों को परेशान कर रही है। जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में बच्चों की ओपीडी 60 से बढ़कर सौ से ज्यादा हो गई है।
जिला अस्पताल में आने वाले सबसे अधिक बच्चे निमोनिया, खांसी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी में लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ रही है। उन्होंने सर्दी के मौसम में बच्चों का अधिक ध्यान रखने की सलाह दी है। उनका कहना है कि बच्चों को सर्दी लगने पर लापरवाही न बरते और तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
पिछले दो दिन से बढ़ी ठंड
यहां पिछले दो दिन से ज्यादा ठंड बढ़ी है। जहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं अब वह 6 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। अधिकतम तापमान में भी दो डिग्री तक की गिरावट आई है। इस तरह ठंडक का अहसास ज्यादा हो रहा है और ठंड से बचाव में लापरवाही बरतने पर बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
इन बातों का रखे ध्यान
-बच्चों का सिर ढककर और मोजे पहनाकर रखें
-पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं
-बच्चों को ठंडी चीजों का सेवन कराने से बचें
-सर्दी से बचाव के लिए पानी की भाप दें
-खाने में गर्म पदार्थों का सेवन कराए
-बच्चों को ठंडी हवा में घर से बाहर ना निकालें
-कमरे का तापमान सामान्य रखें
-बच्चे को थोड़ी देर के अंतराल पर गर्म पानी पिलाते रहें
सर्दी बढ़ने से बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं। ओपीडी में सबसे अधिक बच्चे बुखार और खांसी जुकाम के पहुंच रहे हैं। लोगों को बच्चों की सेहत का ख्याल रखने के लिए ठंड से बचाव की सलाह दी जा रही है। - डॉ. सत्यप्रकाश, बाल रोग विशेषज्ञ