रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह को किसान-मजूदरों के हक की बुलंद आवाज के रूप में पहचाना जाता था। उन्होंने किसानों के लिए काफी संघर्ष किया। सत्ता में भागीदारी मिली तो किसानों के हक में नीतियां और कानून बनवाए।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उन्होंने किसान राजनीति को नई दिशा दी। वह कौमी एकता और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के पैरोकार रहे। उनके निधन से किसान-मजदूरों के हक की बुलंद आवाज खामोश हो गई। अजित सिंह हमेशा छोटे राज्यों के पक्षधर रहे।