-बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री का शामली जाते हुए बड़ौत में हुआ स्वागत
-कहा कि यदि सरकार ने सात दिनों में विशेष संसदीय सत्र बुलाकर फैसला नहीं लिया तो दिल्ली की तरफ कूच करेंगे
फोटो संख्या 5संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत(बागपत)। यूजीसी नियमों में बदलाव और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान की बात कहते हुए बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री सोमवार को बड़ौत में पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूजीसी नियमों में बदलाव सोची-समझी साजिश के तहत किया गया था। इसका 2027 के चुनाव से संबंध है।
बड़ौत में आवास विकास कॉलोनी में नीरज वत्स के आवास पर आए अलंकार अग्निहोत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह एक नोटिस को लेने के लिए शामली जा रहे थे। यहां रास्ते में लोगों ने उनका स्वागत किया। कहा कि वह जल्द ही शंकराचार्य से मिलने जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल शंकराचार्य की तरफ से दिए जाने वाले किसी पद को लेने का उनका कोई इरादा नहीं है।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जो लोग भाजपा का विरोध करते हैं, उन्हें ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी तीन एजेंसियों के जरिए प्रताड़ित किया जाता है। जब वे लोग इनको समर्थन देते हैं तो सब ठीक हो जाता है। उन्होंने सरकार से यूजीसी नियमों में बदलाव को वापस लेने की मांग की थी, लेकिन 26 जनवरी तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर इस्तीफा दे दिया। उनके अनुसार उनका इस्तीफा एक संदेश देने के लिए था, जिसे लोगों ने समझा और 1400 संगठनों ने उनका समर्थन दिया।
अलंकार अग्निहोत्री ने चेतावनी दी कि यदि सरकार सात दिनों के भीतर विशेष संसदीय सत्र बुलाकर इस पर फैसला नहीं लेती है तो वह आंदोलन के लिए दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। वहां भाजपा नेता दीपक शर्मा ने दावा किया कि 95 फीसदी फर्जी शिकायतें दर्ज होती हैं, जिससे सामान्य वर्ग के ब्राह्मण, क्षत्रिय, कायस्थ, वैश्य, भूमिहार और ओबीसी वर्ग के लोग प्रताड़ित होते हैं। उनसे पैसों की वसूली की जाती है।