रेफर के फेर में चली गई मुकेश त्यागी की जान
बागपत। चमरावल के मुकेश त्यागी की मौत ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते आईसीयू यूनिट शुरू नहीं हो सकी है। मरीज पहले पिलाना से बागपत लाया गया और फिर वापस जिला मुख्यालय से मेरठ रेफर किया गया। इलाज में इतनी देर हो गई कि उसकी जान नहीं बच सकी।
चमरावल गांव पिलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक है। शुक्रवार सुबह मुकेश त्यागी की हालत खराब हुई। पेट में दर्द, शरीर में अकड़न और दिखाई नहीं देने की शिकायत हुई। परिजन पिलाना लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने गंभीर हालात के कारण जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। दर्द से तड़प रहे मुकेश का चेकअप किया गया, इसके बाद उसे जिला चिकित्सालय से मेरठ रेफर किया गया। पहले पिलाना से बागपत तक आने में समय खर्च हुआ और इसके बाद बागपत से मेरठ ले जाने में समय बर्बाद हो गया। स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि जिला चिकित्सालय में आईसीयू वार्ड संचालित नहीं है। इसकी वजह है स्टाफ की कमी। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह का कहना है कि डॉक्टरों की कमी के कारण यूनिट शुरू नहीं हो सकी है। इसके लिए पांच फिजीशियन समेत 19 लोगों के स्टाफ की जरूरत है।