माफियाओं का गठजोड़ तोड़ने में नाकाम आबकारी विभाग और पुलिस
बागपत। चमरावल में छह लोगों की मौत के बाद आबकारी विभाग और पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। माफियाओं का गठजोड़ खाकी पर भारी पड़ रहा है। कोरोना काल में भी 97 हजार लीटर अवैध शराब पकड़ी गई। पुलिस तस्करी में लिप्त मोहरों को जरूर पकड़ लेती है, लेकिन मास्टरमाइंड खाकी के कब्जे से अभी तक दूर हैं।
साल 2019 में पुलिस ने एक लाख 23 हजार 758 लीटर अवैध शराब पकड़ी। इस साल आठ महीने में 31 अगस्त तक 97 हजार 160 लीटर तस्करी की शराब पकड़ी गई है। कभी यमुना नदी के रास्ते तो कभी ईस्टर्न पेरिफेरल के जरिये शराब जिले में पहुंचाई जाती है।
गांव-गली में सबको पता, पुलिस बनी अंजान
जिले के हर गांव और गली में पता होता है कि शराब की तस्करी कौन कर रहा है, लेकिन पुलिस अंजान बनी रहती है। पुलिस की यही चुप्पी कच्ची शराब, मिलावटी शराब और तस्करी के धंधे और इनसे जुड़े लोगों के गठजोड़ को हवा देती है।