13 अप्रैल से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र, तैयारियों में जुटे देवी के भक्त
मंदिरों पर हो रही रंगाई पुताई, बाजार में सजी पूजा सामग्रियों की दुकानें
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। चैत्र नवरात्र 13 अप्रैल यानि मंगलवार से प्रारंभ हो रहे है। श्रद्धालु देवी को अपने अपने घर विराजमान करने की तैयारियों में जुटे गए हैं। घर घर माता का दरवार सजाए जाने के लिए पूजा सामग्री की भी खरीदारी की जा रही है। बाजार में भी पूजा सामग्री की दुकानें सज गई है।
नवरात्र के मद्देनजर नगर के मुख्य बाजार, संजय मूर्ति, नेहरू मूर्ति, गांधी रोड़, घट्टा बाजार में पूजा सामग्री और देवी मूर्तियों की दुकानें दुल्हन की तरह सजी हुई हैं। देवी भक्त नवरात्रों से पहले पूजा सामग्रियों की खरीदारी करने में जुटे हुए हैं। दीपक, संजय, नीटू आदि दुकानदारों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले वर्ष चैत्र नवरात्रों में कारोबार पर पर काफी प्रभाव पड़ा था। मगर, इस बार बाजार खुले रहने के कारण नवरात्रों में पूजा सामग्री की बिक्री ठीक है। उधर, देवी मंदिरों पर भी साफ सफाई और रंगाई पुताई का कार्य किया जा रहा है।
कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त
पंचवटी मंदिर के पुजारी पंडित कुंदन भारद्वाज ने बताया कि 13 अप्रैल को कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त प्रात: 6:19 से 10:30 बजे तक, उसके पश्चात 7:46 से 9:13 बजे तक और 10:40 से दोपहर 12:06 बजे तक है। दोपहर 12:07 से 01:33 बजे तक के बीच में राहु काल रहेगा। इस समय कलश स्थापना नहीं की जा सकती।
रमजान माह को लेकर भी तैयारियां हुई शुरू
रमजान को लेकर भी मुस्लिम समाज के लोग तैयारियों में जुटे हुए हैं। चांद की दीदार होते ही रमजान माह का शुभारंभ हो जाएगा। इसके लिए नगर व क्षेत्र में मस्जिदों में साफ सफाई का कार्य चल रहा है। बाजारों में भी रमजान को लेकर खरीदारी की जा रही है।
पुलिस प्रशासन की निगरानी तेज
कोरोना संक्रमण और धारा 144 के चलते नवरात्रों में मंदिरों पर सामूहिक रूप से कोई भी आयोजन, यज्ञ, भंडारा, जागरण आदि न किए जाने की अपील पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से की है। एसडीएम दुुुुर्गेश मिश्र और सीओ आलोक कुमार ने अधीनस्थों को नवरात्रों और रमजान में क्षेत्र में विशेष नजर बनाए रखने और त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दिशा निर्देश दिए हैं।