बागपत शहर के सिंडिकेट बैंक में 4.35 लाख रुपये जमा करने आए दो युवकों से ढाई लाख रुपये का कैश रहस्यमय ढंग गायब हो गया। आरोप है कि रुपये एक युवक लेकर गायब हो गया। सूचना पर पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। आशंका जताई है कि रुपये गायब करने में इन युवकों की मिलीभगत है। मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
बागपत के सुशांत यादव का कहना है कि शहर के चमरावल रोड पर उनका महालक्ष्मी आयरन स्टोर है। उसने अपने यहां काम करने वाले युवक हमीदाबाद गांव निवासी संजय और बागपत के देशराज मोहल्ला निवासी विपिन को मंगलवार सुबह सिंडिकेट बैंक में 4.35 लाख रुपये जमा करने के लिए भेजा था। उनके पास से ढाई लाख रुपये रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। युवक संजय और विपिन का कहना है कि वे दोनों बैंक में रुपये जमा करने के लिए पहुंचे।
बैंक के स्टाफ ने कहा कि सर्वर खराब है। अभी रुपये जमा नहीं हो पाएंगे। 15 मिनट इंतजार कर लो। इसी दौरान एक युवक आया उसने खुद को बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उसे रुपये दो, वह जमा करा देगा। उन्होंने उसे ढाई लाख रुपये दे दिए। इसी दौरान आरोपी युवक रुपये लेकर वहां से चंपत हो गया। उनका कहना है कि आरोपी युवक कौन और कहां का है? उन्हें नहीं पता। आरोपी धोखाधड़ी से रुपये लेकर गया है।
घटना का पता चलते ही पुलिस ने दोनों युवकों को शक के आधार पर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो युवक आरोपी युवक से हंसते हुए बातें कर रहे है। साथ ही अपने मोबाइल से उसकी बातें कराते हुए दिखाई दिए है। पुलिस का ओर शक गहरा गया। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी लोकेंद्र शर्मा का कहना है कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि युवक विपिन और संजय की इस मामले में मिलीभगत है। मामले की जांच की जा रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी को बताया गया था बैंक मैनेजर
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए युवकों ने आरोपी युवक को बैंक मैनेजर बताते हुए फोन पर किसी की बात भी कराई थी। ताकि कोई उन पर शक न करे। उधर, घटना का पता चलते ही कोतवाली पर आरोपी के परिजनों का जमावड़ा लगा हुआ है।