बड़ौत में धरना देने वाले किसानों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने दर्ज कराई रिपोर्ट, पुलिस कर रही धाराएं बढ़ाने की तैयारी, किसानों ने आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर अतिक्रमण करने वाले किसानों के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन करने, कोरोना महामारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं कोतवाली पुलिस दर्ज मुकदमे में बलवा, पुलिस पर हमला और सरकारी काम में बाधा डालने की धाराएं बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर नए कृषि कानून के विरोध में पिछले 40 दिनों से बड़ौत में औद्योगिक पुलिस चौकी के पास किसानों का धरना चल रहा था। बुधवार रात पुलिस ने बल प्रयोग कर किसानों को खदेड़ दिया था। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक संजय मिश्रा ने कोतवाली में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, धारा 144 का उल्लंघन करने, हाईवे पर अतिक्रमण व कोरोना महामारी अधिनियम के तहत अज्ञात किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अब पुलिस दर्ज मुकदमे में बलवा करने, पुलिस टीम पर हमला और सरकारी काम में बाधा डालने की धाराएं बढ़ाने की तैयारी में है। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि जांच के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
उधर, कोतवाल अजय शर्मा का कहना है कि एनएचआई के निदेशक की तहरीर आने के बाद जब पुलिस हाईवे पर हुए अतिक्रमण को हटवाने गई थी तो कुछ लोगों ने सरकारी काम में बाधा डालते हुए पुलिस पर हमला किया था। इसमें दो पुलिस कर्मी घायल हुए। हमलावर कोहरे और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
थांबेदार ने कहा, पुलिस लूट ले गई कपड़े
थांबेदार ब्रजपाल चौधरी ने कहा कि पुलिस किसानों के कपड़े भी लूट ले गई। लाठीचार्ज मेें कई किसानों को घायल किया गया। यह भी दावा किया कि कुछ किसान गायब हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से किसानों से आक्रोश है।
एडीएम ने कहा शांति, कोतवाल ने कहा सिपाही घायल
किसानों को धरने से उठाने के बाद मौके पर पहुंचे एडीएम अमित कुमार सिंह ने बयान दिया था कि शांतिपूर्ण तरीके से किसान अपने घर गए थे। किसी तरह टकराव की स्थिति नहीं बनी। बुजुर्ग किसानों को भी घर भेज दिया गया। वहीं, बृहस्पतिवार को बड़ौत कोतवाली प्रभारी अजय शर्मा ने कहा कि दो सिपाही घायल हो गए हैं। किसानों का कहना है कि उन पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं।